Hanumangarh News: हनुमानगढ़ जंक्शन की धानमंडी में बुधवार रात हुई मामूली बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. मंडी परिसर में पानी भरने से खुले में रखा धान भीग गया. वहीं, टूटी सड़कें, पानी निकासी की समस्या और खराब धर्मकांटे से किसान और व्यापारी परेशान हैं. व्यापारियों का कहना है कि मंडी समिति के अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ. उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मंडी बंद कर धरना दिया जाएगा और टैक्स देना भी बंद कर देंगे.
मामूली बारिश में ही मंडी में हुआ जलभराव
हनुमानगढ़ जंक्शन की धानमंडी में पानी निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. बुधवार रात हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में पानी भर गया और खुले में रखे धान के ढेर भी इसकी चपेट में आ गए. इससे किसानों की उपज भीग गई. अब व्यापारी गीला धान खरीदने से कतरा रहे हैं, जिससे किसानों के सामने फसल बेचने की परेशानी खड़ी हो गई है.
व्यापारियों का कहना है कि जब मामूली बारिश में मंडी का यह हाल हो जाता है, तो तेज बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो सकती है. पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से हर बार किसानों की मेहनत से तैयार फसल पर नुकसान का खतरा बना रहता है. मंडी में पानी निकासी के लिए बनाया गया वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहा है.
टूटी सड़कें और खराब धर्मकांटा भी बढ़ा रहे परेशानी
मंडी की समस्याएं केवल जलभराव तक सीमित नहीं हैं. परिसर की सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को परेशानी होती है. वहीं, मंडी में लगा धर्मकांटा भी खराब है. व्यापारियों के मुताबिक, इसका आकार छोटा होने के कारण कृषि जिंसों की तुलाई में दिक्कत आती है. उनका कहना है कि मंडी में बड़ा और बेहतर धर्मकांटा लगाया जाना चाहिए, जिससे किसानों और खरीद एजेंसियों को भी सुविधा मिल सके.
व्यापारियों का कहना है कि वे मंडी में कारोबार करने के बदले टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है. इस संबंध में मंडी समिति के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से जानकारी दी गई है. डायरेक्टर को भी पत्र भेजा गया, लेकिन बजट का अभाव बताकर समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा.
समाधान नहीं हुआ तो मंडी बंद कर देंगे व्यापारी
व्यापारियों ने साफ कहा है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. पानी निकासी, सड़कों और धर्मकांटे की समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द किया जाना चाहिए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो व्यापारी मंडी बंद कर धरना देंगे और टैक्स देना भी बंद कर देंगे. उनका कहना है कि किसानों और मजदूरों को हर साल इन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नुकसान होने के बाद सक्रिय होने के बजाय अधिकारियों को पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए.
अधिकारियों ने बताया जलभराव का कारण
दूसरी तरफ, मंडी समिति के अधिकारियों का कहना है कि जलभराव की समस्या के पीछे नालियों का लेवल नीचे होना प्रमुख वजह है. कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारी विष्णुदत्त शर्मा के मुताबिक, शेड के पास बारिश का पानी जमा हो जाता है. फिलहाल मजदूरों की मदद से पानी की निकासी करवाई जाती है.
अधिकारी ने बताया कि व्यापारियों की मांग पर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करवाया गया था. यदि इसमें कोई कमी है, तो मार्केटिंग बोर्ड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर जांच करवाई जाएगी. टूटी सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की बात भी कही गई है. वहीं, धर्मकांटे के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. प्रस्ताव तैयार होने पर इसे भी शामिल किया जाएगा.
किसानों को राहत मिलने का इंतजार
धानमंडी में जलभराव, टूटी सड़कें और खराब धर्मकांटे की समस्या अब व्यापारियों के विरोध की वजह बन गई है. एक तरफ व्यापारी जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अधिकारी जांच और निर्माण कार्यों के प्रस्ताव आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं. अब देखना होगा कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के दौरान हर बार ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े.
Reporter - Kuldeep Sharma