बेनीवाल का अल्टीमेटम, सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक': कमेटी को सौंपा गया मांग पत्र, क्या खत्म हो जाएगा किसान आंदोलन?
Sri Ganganagar News: श्रीगंगानगर के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 35 दिनों से जारी है. 14 अक्टूबर को किसानों ने प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम किया. CMO की कमेटी को मांग पत्र सौंपा गया है और सरकार ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है.
Sri Ganganagar News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन पिछले 35 दिनों से जारी है. आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल कर रहे हैं. नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने, फसलों को नुकसान से बचाने और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज हो रहा है. इस बीच प्रदेश सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से गठित कमेटी को किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा है.
14 अक्टूबर को घड़साना में किसानों ने किया चक्काजाम
बुधवार, 14 अक्टूबर को नई मंडी घड़साना में आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया. सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों ने क्षेत्र के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम कर दिया. किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर खड़ी कर यातायात रोक दिया. विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में किसान तैनात रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे.
चक्काजाम के दौरान आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई. स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब किसानों ने पुलिस की गाड़ी को भी आगे जाने से रोक दिया. हालात को देखते हुए विभिन्न नाकों पर पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा. किसानों ने साफ किया कि सिंचाई पानी की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
सिंचाई पानी की कमी से परेशान किसान
घड़साना और आसपास के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई पानी की उपलब्धता लंबे समय से किसानों के लिए अहम मुद्दा बनी हुई है. किसानों का कहना है कि नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने और उचित रेगुलेशन की व्यवस्था नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है. फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं.
आंदोलन में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के पानी का उचित रेगुलेशन, अनूपगढ़ शाखा में पानी की स्थायी व्यवस्था, खराब फसलों की विशेष गिरदावरी और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. इसके साथ ही किसान फसल बीमा क्लेम से जुड़ी समस्याओं के समाधान और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठा रहे हैं.
सरकार ने किसानों से बातचीत की
आंदोलन के बीच प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय से गठित कमेटी ने किसानों से मांग पत्र प्राप्त किया है. कमेटी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए गंभीर है.
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद, विधायक गुरवीर सिंह बराड़ और पूर्व विधायक पवन दुग्गल ने भी किसानों से बातचीत की. पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद ने सरकार का रुख किसानों के प्रति सकारात्मक बताया. उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों के पक्ष में सरकार जल्द बड़ा फैसला कर सकती है.
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सितंबर 2026 में नई मंडी घड़साना में किसान सभा के बाद आंदोलन ने गति पकड़ी थी. इसके बाद किसानों ने उपखंड कार्यालय के सामने पड़ाव डाला और अक्टूबर में राष्ट्रीय राजमार्ग-911 पर भी प्रदर्शन किया.
फिलहाल किसानों की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है. किसान सिंचाई पानी की स्थायी व्यवस्था और फसल नुकसान की भरपाई चाहते हैं. वहीं, सरकार की ओर से समाधान का भरोसा दिया गया है. अब देखना होगा कि बातचीत और प्रशासनिक प्रयासों से आंदोलन का हल निकलता है या किसानों का विरोध आगे भी जारी रहता है.