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राजस्थान के जैसलमेर स्थित रामदेवरा में आस्था की एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है. सात समंदर पार फ्रांस के शार्ट शहर से एक दंपति अपने बेटे की सरकारी नौकरी की मन्नत लेकर बाबा रामदेव की समाधि पर पहुंचा था. उसने इंटरनेट पर जानकारी जुटाकर रामदेवरा आने का फैसला किया था. यहां उसने विशेष रूप से मन्नत मांगी कि उनके बेटे को फ्रांस की उच्च सरकारी सेवा में नौकरी मिल जाए.
फ्रांस के इस दंपति ने बताया कि उनका बेटा पिछले एक दशक से भी अधिक समय से सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन लगातार कोशिशों के बावजूद उसे सफलता नहीं मिल रही थी. ऐसे में उन्होंने रामदेवरा पहुंचकर बाबा की समाधि पर मन्नत मांगी थी कि अगर उनके बेटे का चयन फ्रांस की उच्च सरकारी सेवा में हो जाता है, तो वे उसे साथ लेकर दोबारा बाबा के दर्शन करने आएंगे.
दंपति के मुताबिक, बाबा की समाधि पर अरदास करने के महज 5 दिन बाद ही उन्हें खुशखबरी मिली कि उनके बेटे का चयन फ्रांस की सरकारी सेवा में हो गया है. यह खबर मिलते ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
अपनी मन्नत पूरी होने के बाद विदेशी दंपति ने अपने संकल्प के अनुसार, फ्रांस से दोबारा अपने बेटे के साथ रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव की समाधि पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामना पूरी होने पर आभार जताया. उनके लिए यह अनुभव किसी चमत्कार से कम नहीं था.
इस अनुभव के बाद दंपति की बाबा रामदेव के प्रति श्रद्धा और आस्था कई गुना बढ़ गई. उनका मानना है कि बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचकर अपनी मनोकामनाओं के लिए अरदास लगाते हैं. श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता है कि बाबा रामदेव के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता.
वहीं बेटे की सरकारी नौकरी लगने की खुशी विदेशी दंपति के चेहरे पर साफ नजर आई. इस खास मौके पर उन्होंने जमकर डांस कर अपनी खुशी जाहिर की और लोगों के साथ मिठाइयां बांटकर खुशियां साझा की.