सिरोही में विदेशी पैराशूट मिलने से हड़कंप: 40 लाख से एक करोड़ कीमत! South Africa से भी सामने आ रहा कनेक्शन...
Foreign Parachutes: सिरोही के आबूरोड में मानपुर हवाई पट्टी पर संचालित स्काई पैराग्लाइडिंग कंपनी से दो विदेशी पैराशूट बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. दोनों पैराशूट कंपनी के इंस्ट्रक्टर दिनेश जाट के पास मिले. इनमें एक अफ्रीका और दूसरा ऑस्ट्रेलिया की कंपनी से संबंधित बताया जा रहा है.
Rajasthan News: सिरोही जिले के आबूरोड शहर थाना क्षेत्र में विदेशी पैराशूट मिलने के बाद हड़कंप मच गया. मानपुर हवाई पट्टी पर संचालित स्काई पैराग्लाइडिंग कंपनी से पुलिस ने दो विदेशी पैराशूट बरामद किए हैं. दोनों पैराशूट कंपनी के इंस्ट्रक्टर दिनेश पुत्र लाला राम जाट, निवासी दिल्ली, के पास से मिले. पुलिस ने दोनों उपकरणों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों से जुड़े पैराशूट
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए दोनों पैराशूट विदेशी कंपनियों से संबंधित बताए जा रहे हैं. इनमें से एक पैराशूट अफ्रीका और दूसरा ऑस्ट्रेलिया की कंपनी का बताया गया है. पैराशूट की पहचान और उनके वास्तविक स्वामित्व की जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये दोनों पैराशूट कंपनी तक कब और किस माध्यम से पहुंचे.
इंस्ट्रक्टर से पूछताछ, दस्तावेज नहीं मिले
पैराशूट मिलने के बाद पुलिस ने कंपनी के इंस्ट्रक्टर दिनेश जाट से इनके संबंध में पूछताछ की. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान इंस्ट्रक्टर पैराशूट की खरीद और स्वामित्व से संबंधित संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका. इसके साथ ही वह दोनों उपकरणों के संबंध में वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं करा पाया. इसके बाद पुलिस ने पैराशूट जब्त कर उनकी खरीद, मालिकाना हक और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी.
दक्षिण अफ्रीका में चोरी की आशंका
जांच के दौरान एक पैराशूट के दक्षिण अफ्रीका में चोरी से संबंधित होने की आशंका भी सामने आई है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस संबंधित जानकारी और रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पैराशूट वास्तव में चोरी का है या नहीं.
पैराग्लाइडिंग में इस्तेमाल की भी होगी जांच
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों पैराशूट कंपनी के पास कितने समय से मौजूद थे और पिछले महीनों में इनका इस्तेमाल पैराग्लाइडिंग गतिविधियों में किया गया था या नहीं. इसके अलावा उपकरणों के कंपनी तक पहुंचने के माध्यम, खरीद से जुड़े रिकॉर्ड और इनके वास्तविक मालिक की जानकारी भी जुटाई जा रही है. पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.