Pending Salary Payments: राजस्थान में लंबित भुगतान और कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने भुगतान में देरी, सेवानिवृत्ति परिलाभ अटकने और RGHS योजना में कथित कटौतियों के विरोध में आंदोलन का ऐलान किया है. महासंघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के आवास पर काली दीपावली मनाने की चेतावनी दी है.
14 अक्टूबर को सौंपेंगे ज्ञापन
महासंघ की जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में हुई महासमिति की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई. पहले चरण में 14 अक्टूबर को प्रदेश नेतृत्व की ओर से मुख्य सचिव और वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा. वहीं, जिला मुख्यालयों पर जिलाध्यक्ष कलेक्टर्स के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे.
महासंघ का कहना है कि कर्मचारियों की आर्थिक मांगों और 11 सूत्रीय मांग-पत्र पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है.
छह महीने से भुगतान का इंतजार
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री महावीर सियाग के मुताबिक, अप्रैल में देय समर्पित उपार्जित अवकाश का भुगतान छह महीने बाद भी नहीं हुआ है. वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति परिलाभ प्राप्त करने के लिए आठ से दस महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है.
संगठन ने GPF, SI, पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और समर्पित अवकाश के भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया है. महासंघ के अनुसार, त्योहारों के समय भुगतान अटकने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही RGHS योजना में कथित अवांछित कटौतियों को लेकर भी नाराजगी जताई गई है.
मतदान प्रशिक्षण में भोजन-नाश्ते का बहिष्कार
महासंघ ने चेतावनी दी है कि ज्ञापन के बाद भी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके तहत पंचायती राज संस्थाओं के मतदान कर्मी मतदान संबंधी प्रशिक्षण के दौरान भोजन और नाश्ते का बहिष्कार करेंगे. इसके बाद मतदान दिवस पर मतदान दलों की ओर से उपवास सत्याग्रह किया जाएगा.
वित्त मंत्री के आवास पर मनाएंगे काली दीपावली
आंदोलन के अगले चरण में महासंघ ने उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के आवास पर सैकड़ों कर्मचारियों के साथ काली दीपावली मनाने का निर्णय लिया है. संगठन ने सरकार से लंबित भुगतान जारी करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है.
OPS और आठवें वेतन आयोग की मांग
महासंघ ने 12 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला लिया है. इस रैली में पुरानी पेंशन योजना (OPS), आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने और कर्मचारी हितों से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए जाएंगे. अब 14 अक्टूबर को सौंपे जाने वाले ज्ञापन के बाद सरकार की कार्रवाई पर आंदोलन की अगली रणनीति निर्भर करेगी.