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घर से उठाकर जंगल में मारी थी गोली, 16 साल बाद संतोष हत्याकांड में पीड़ित परिवार को मिला इंसाफ, जगन गुर्जर के दो भाइयों को उम्रकैद

धौलपुर के 16 साल पुराने संतोष हत्याकांड में पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है. कोर्ट ने कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के भाइयों लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोनों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

घर से उठाकर जंगल में मारी थी गोली, 16 साल बाद संतोष हत्याकांड में पीड़ित परिवार को मिला इंसाफ, जगन गुर्जर के दो भाइयों को उम्रकैद
Image Credit: Dholpur Murder Case

धौलपुर के चर्चित संतोष हत्याकांड में करीब 16 साल बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है. विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र के न्यायाधीश राकेश गोयल ने कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के दो सगे भाइयों लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

यह मामला 22 अगस्त 2010 का है. आरोप था कि संतोष को उसके घर से अगवा कर गांव के बाहर जंगल में ले जाया गया और वहां गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में आरोपी पान सिंह को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है. अब लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को भी दोषी करार देते हुए अदालत ने सजा सुनाई है.

घर से उठाकर जंगल में की थी संतोष की हत्या

विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि 22 अगस्त 2010 को परिवादी भूरा के भतीजे संतोष को जगन गुर्जर के भाई लाल सिंह, पप्पू गुर्जर और उनके साथी पान सिंह घर से उठाकर ले गए थे. इसके बाद गांव के बाहर जंगल में संतोष को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी.

घटना के बाद इस मामले में बसई डांग थाने में FIR नंबर 59/2010 दर्ज की गई थी. करीब 16 साल तक चले इस मामले में अब अदालत ने लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

 

IPC और आर्म्स एक्ट में सुनाई सजा

विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र के न्यायाधीश राकेश गोयल ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 460 और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया. अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

इससे पहले इसी हत्याकांड में आरोपी पान सिंह को उम्रकैद की सजा हो चुकी है. अब लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को सजा मिलने के बाद इस मामले में पीड़ित परिवार को 16 साल के लंबे इंतजार के बाद न्यायालय से फैसला मिला है.

जगन गुर्जर के परिवार से जुड़े हैं दोनों दोषी

गौरतलब है कि जगन गुर्जर का परिवार लंबे समय से डकैती प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय रहा है. जगन गुर्जर खुद भी कई संगीन मामलों में वांछित रहा था. संतोष हत्याकांड में उसके दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार ने फैसले पर संतोष जताया है.

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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