Dholpur News: धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के रहने वाले अजय गर्ग ने महात्मा गांधी से जुड़ी दुर्लभ और ऐतिहासिक चीजों को सहेजकर एक अनोखा संग्रहालय तैयार किया है. इस संग्रहालय में गांधी जी के जीवन, उनके संघर्ष और विचारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चीजें मौजूद हैं. गांधी जयंती के मौके पर यह संग्रह लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
अजय गर्ग के इस संग्रह में दुनिया के करीब 170 देशों द्वारा महात्मा गांधी पर जारी किए गए डाक टिकट, 200 से अधिक दुर्लभ किताबें, सिक्के, पोस्टकार्ड, ऐतिहासिक दस्तावेज और खादी पर जारी किए गए स्टांप शामिल हैं. इन दुर्लभ वस्तुओं के कारण यह संग्रह अपने आप में खास और प्रेरणादायक माना जाता है.
170 देशों के गांधी जी पर जारी डाक टिकट सुरक्षित
अजय गर्ग बताते हैं कि महात्मा गांधी दुनिया की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं, जिन पर भारत के अलावा करीब 170 देशों ने डाक टिकट जारी किए हैं. उनके संग्रहालय में मॉरीटानिया, मिस्र, सोमालिया, सीरिया, माली, ईरान, मालदीव, कोमोरोस, तुर्कमेनिस्तान और मोरक्को समेत अफ्रीका और यूरोप के कई देशों के डाक टिकट मौजूद हैं.

संग्रह में वर्ष 1948 में गांधी जी पर जारी किया गया पहला डाक टिकट सेट भी सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा खादी के कपड़े पर भारत सरकार द्वारा गांधी जी के नाम से जारी किया गया स्टांप भी यहां मौजूद है.
दांडी यात्रा की असली रसीद बनी खास पहचान
संग्रहालय में रखी सबसे दुर्लभ चीजों में दांडी यात्रा के समय की नमक टैक्स की ओरिजिनल रसीद शामिल है. यह रसीद उस दौर के इतिहास की महत्वपूर्ण गवाही देती है.
इसके साथ ही दांडी यात्रा के दौरान गांधी जी जिन स्थानों पर रुके थे, वहां के पोस्ट ऑफिस की सील लगे दुर्लभ पोस्टकार्ड भी अजय गर्ग ने संभालकर रखे हैं. संग्रहालय में दांडी यात्रा के 75 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2005 में भारत सरकार द्वारा जारी किया गया 100 रुपये का सिक्का भी मौजूद है. इसके अलावा गांधी जी की 150वीं जयंती पर जारी 150 रुपये का स्मारक सिक्का भी संग्रह का हिस्सा है.

200 से ज्यादा दुर्लभ किताबों का संग्रह
अजय गर्ग के संग्रहालय में महात्मा गांधी पर लिखी 200 से अधिक दुर्लभ किताबें भी सुरक्षित हैं. इनमें गांधी जी के जीवन और उनके विचारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं. गांधी जी द्वारा हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषा में निकाले गए ‘हरिजन’ अखबार की मूल प्रतियां भी यहां रखी गई हैं. इसके अलावा गांधी जी से जुड़े अलग-अलग अवसरों पर जारी किए गए सिक्के और ऐतिहासिक दस्तावेज भी संग्रहालय में देखे जा सकते हैं.
12 पीढ़ियों का वंशवृक्ष भी तैयार किया
अजय गर्ग ने गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर चित्रकारी के जरिए महात्मा गांधी की 12 पीढ़ियों का वंशवृक्ष तैयार किया. इसमें गांधी जी के परदादा के परदादा से लेकर महात्मा गांधी तक के परिवार को क्रमवार दिखाया गया है.
इस वंशवृक्ष को तैयार करने में करीब 3 से 4 साल का समय लगा. इस अनोखे कार्य के लिए अजय गर्ग को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में सम्मानित किया गया. वर्ष 2019 में भारत सरकार ने इसे वेरीफाई कर कॉपीराइट भी प्रदान किया. हाल ही में उन्हें राजस्थान गौरव अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है.

नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे गांधी जी के विचार
अजय गर्ग का कहना है कि गांधी जी केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश का स्वर्णिम इतिहास हैं. उनका प्रयास है कि देश-विदेश से गांधी जी से जुड़ी डाक टिकट, सिक्के और अन्य ऐतिहासिक सामग्री जुटाकर लोगों तक उनके विचार पहुंचाए जाएं.
वे स्कूलों, कॉलेजों और दूसरे स्थानों पर प्रदर्शनियां लगाकर नई पीढ़ी को गांधी जी के जीवन, सत्य, अहिंसा और उनके आदर्शों से परिचित कराते हैं. धौलपुर में तैयार किया गया यह अनोखा संग्रहालय अब गांधी जी की विरासत को सहेजने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहा है.