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देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार शाम दो दिवसीय दौरे पर सीमावर्ती जिले जैसलमेर पहुंचे. वे विशेष विमान से शाम करीब 5:30 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचे. यहां जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे और सेना के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट से रक्षामंत्री सीधे शहर स्थित होटल फोर्ट राजवाड़ा पहुंचे, जहां उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार सुबह रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे. बैठक में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, सैन्य क्षमता को मजबूत बनाने और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा होगी.
बैठक में आधुनिक हथियारों, नई सैन्य तकनीक, सेना की मौजूदा क्षमताओं और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इसके साथ ही बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय सेना को और अधिक सक्षम बनाने से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे.
जैसलमेर पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के लिहाज से सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में बैठक में पश्चिमी सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी महत्वपूर्ण विषय रहेगी.
बैठक में भाग लेने के लिए कई सांसद और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी जैसलमेर पहुंच चुके हैं. रक्षा मंत्रालय की इस बैठक में रक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. बैठक संपन्न होने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जैसलमेर से रवाना होंगे. सीमावर्ती जैसलमेर में रक्षामंत्री का यह दौरा सामरिक और रक्षा संबंधी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में पदयात्रा करेंगे. मुख्यमंत्री की इस पदयात्रा को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पदयात्रा गांधी मैदान से शुरू होकर गोल बिल्डिंग तक पहुंचेगी. इसे लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, जोधपुर शहर जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, विधायक अतुल भंसाली और शहर युवा मोर्चा अध्यक्ष गौरव जैन सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं.
भाजपा पदाधिकारियों की ओर से पदयात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. पदयात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं.