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खेतड़ी के ढाणी बाढ़ान में बाइसा स्नेह मिलन-2026, वर्षों बाद मिलीं 700 बहन-बेटियां तो छलक पड़े आंसू

Jhunjhunu News: ढाणी बाढ़ान में बाइसा स्नेह मिलन समारोह-2026 भावुक पलों का गवाह बना. राजस्थान समेत देशभर से करीब 700 बहन-बेटियां पहुंचीं. शोभायात्रा, मंदिर दर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और वर्षों बाद हुए मिलन ने समारोह को यादगार बना दिया.

खेतड़ी के ढाणी बाढ़ान में बाइसा स्नेह मिलन-2026, वर्षों बाद मिलीं 700 बहन-बेटियां तो छलक पड़े आंसू
Image Credit: ढाणी बाढ़ान में बाइसा स्नेह मिलन-2026.

Jhunjhunu News: रिश्तों में दूरी भले ही आ जाए, लेकिन अपनापन कभी कम नहीं होता. ढाणी बाढ़ान में आयोजित बाइसा स्नेह मिलन समारोह-2026 इसका भावुक उदाहरण बना. राजस्थान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 700 बहन-बेटियां समारोह में शामिल होने पहुंचीं. वर्षों बाद परिचित चेहरों और अपनों से मुलाकात हुई तो कई आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. एक-दूसरे से गले मिलकर बहन-बेटियों ने पुरानी यादों को फिर से जीवंत किया.

पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य शोभायात्रा
समारोह से पहले ढाणी बाढ़ान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इसमें बहन-बेटियां पारंपरिक राजस्थानी और राजपूती वेशभूषा में नजर आईं. वहीं ग्रामीणों ने केसरिया साफा, सफेद कुर्ता-धोती सहित पारंपरिक पहनावा धारण कर उनका स्वागत किया. शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बहन-बेटियों का अभिनंदन किया गया.

कई बहन-बेटियां ऊंटगाड़ी में सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचीं. बेटियों की ओर से किया गया तलवार प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा. लोकगीत, पारंपरिक पहनावे और स्वागत की रस्मों ने पूरे माहौल को राजस्थानी रंग में रंग दिया.

मंदिरों में दर्शन के बाद पैदल पहुंचीं कार्यक्रम स्थल
शोभायात्रा से पहले बहन-बेटियों ने उत्तराधा कुआं स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद ठाकुरजी मंदिर, दुर्गा मंदिर और जमवाय माता मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर धोक लगाई.

सभी धार्मिक स्थलों पर दर्शन के बाद करीब तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बहन-बेटियां श्री सती दादी मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचीं. यहां मुख्य द्वार पर ग्रामीणों ने तिलक-अर्चन कर उनका स्वागत किया.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत बारणजी द्वारा आखड़ली स्वागत गीत की प्रस्तुति से हुई. इसके बाद बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर मौजूद लोगों का मन मोह लिया. पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच समारोह में उत्सव जैसा माहौल बना रहा.

वर्षों बाद मिले तो छलक उठी भावनाएं
समारोह का सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब वर्षों से एक-दूसरे से दूर रही कई बहन-बेटियां आमने-सामने हुईं. मुलाकात होते ही उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया और पुरानी यादों को साझा किया. कुछ बहन-बेटियां ऐसी भी थीं, जो एक-दूसरे से पहले परिचित तक नहीं थीं, लेकिन पहली मुलाकात में ही उन्हें वर्षों पुराने रिश्ते जैसा अपनापन महसूस हुआ.

मिलन का उद्देश्य रिश्तों को जोड़ना
कार्यक्रम का संचालन जयपुर से पहुंची बाइसा ललितेश कंवर ने किया. उन्होंने बताया कि बाइसा स्नेह मिलन का उद्देश्य वर्षों से दूर रह रही बहन-बेटियों को एक मंच पर लाना और उन्हें आपस में मिलने का अवसर उपलब्ध कराना है.

ढाणी बाढ़ान का यह आयोजन रिश्तों की गर्माहट, भाईचारे और अपनत्व का संदेश देकर संपन्न हुआ. समारोह ने यह अहसास कराया कि दूरी कितनी भी हो, मायके और अपनों से जुड़े रिश्तों की डोर समय के साथ कमजोर नहीं होती. वर्षों बाद हुआ यह मिलन बहन-बेटियों के साथ समारोह में मौजूद हर व्यक्ति के लिए यादगार बन गया.
 

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About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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