फ्रंट फुट पर आएगी कांग्रेस! 'मिशन पंचायत' के लिए गहलोत-पायलट समेत दिग्गजों की बैठक, वार रूम में दिग्गजों का महामंथन
Congress Mission Panchayat: राजस्थान में निकाय चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के बाद कांग्रेस अब पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. पार्टी के वार रूम में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक होने जा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और सीपी जोशी समेत करीब 20 प्रमुख नेता मंथन करेंगे.
Rajasthan News: राजस्थान में हालिया निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने अब पंचायत चुनाव के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है. शहरी और कस्बाई निकायों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. ऐसे में कांग्रेस अब रक्षात्मक राजनीति से बाहर निकलकर पंचायत चुनाव में फ्रंट फुट पर खेलने की रणनीति तैयार कर रही है. इसी कड़ी में पार्टी के वार रूम में वरिष्ठ नेताओं का महामंथन होने जा रहा है.
वार रूम में जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज
सुबह 11 बजे वार रूम में होने वाली पहली बैठक में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और सीपी जोशी समेत करीब 20 प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रहेगी. बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है.
निकाय चुनाव के नतीजों से लिया सबक
कांग्रेस की इस आक्रामक रणनीति की बड़ी वजह हालिया निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन माना जा रहा है. शहरी और कस्बाई निकायों में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली. चुनाव के दौरान कई जगहों पर आपसी खींचतान और कमजोर तालमेल की स्थिति देखने को मिली, जिसका फायदा विरोधी खेमे को मिला. अब कांग्रेस पंचायत चुनाव में ऐसी स्थिति दोहराना नहीं चाहती. पार्टी की कोशिश है कि स्थानीय स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए और चुनावी रणनीति को पहले से मजबूत किया जाए.
एकजुटता पर रहेगा फोकस
पंचायत चुनाव ग्रामीण राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश संगठन के बड़े नेताओं को एक मंच पर लाकर सामूहिक रणनीति तैयार करने की है. बैठक में नेताओं के बीच तालमेल, जमीनी संगठन और चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर मंथन हो सकता है.
कांग्रेस अब निकाय चुनाव की कमजोरियों से सबक लेकर पंचायत चुनाव में मजबूत और एकजुट चेहरा पेश करना चाहती है. देखना होगा कि दिग्गज नेताओं का यह महामंथन पार्टी को पंचायत चुनाव में कितना फायदा पहुंचाता है.