लंपी स्किन डिजीज पर सरकार अलर्ट: CM भजनलाल की हाईलेवल मीटिंग, बोले- सावधानी और सतर्कता ही बचाव
Lumpy Skin Disease: राजस्थान में लंपी स्किन डिजीज की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की. सरकार के अनुसार संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है और प्रदेश में 87 प्रतिशत से अधिक पशुओं का टीकाकरण हो चुका है. अब प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जन-जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.
Lumpy Skin Disease Situation in Rajasthan: राजस्थान में लंपी स्किन डिजीज की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में प्रदेश में संक्रमण की स्थिति और बीमारी की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लम्पी रोग को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी लगातार जारी रखी जाए.
CM बोले- सावधानी और सतर्कता ही सबसे प्रभावी बचाव
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पशुओं में लंपी रोग से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम सावधानी और सतर्कता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी को लेकर पूरी तरह सजग और सतर्क है. सरकार की ओर से समयबद्ध तरीके से की गई तैयारियों के चलते संक्रमण की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के उपायों की जानकारी दी जानी चाहिए. इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य यह भी है कि पशुपालक घबराएं नहीं और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जरूरी सावधानियां बरतें.
10,403 पशु संक्रमित, 6,905 की रिकवरी
बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लम्पी रोग से अब तक 10,403 संक्रमित पशु पाए गए हैं. इनमें से 6,905 पशु रिकवर हो चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार रिकवरी की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.
वहीं, प्रदेशभर में 87 प्रतिशत से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में रोग प्रतिरोधक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा.
संक्रमित पशुओं को आइसोलेट करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गोशालाओं और अन्य स्थानों पर संक्रमित पशुओं को अलग रखने यानी आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है.
पशुपालन विभाग की ओर से बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान के साथ राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं. जिला और ब्लॉक स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीमों का गठन भी किया गया है. पशुपालकों को साइपरमेथ्रिन और सोडियम हाइपोक्लोराईट भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में मामले
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि लंपी रोग के मामले प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में सामने आए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि संक्रमण पूरे प्रदेश में नहीं है. सरकार का फोकस प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, टीकाकरण, दवाइयों की उपलब्धता और पशुपालकों को जागरूक करने पर है.
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया और प्रमुख शासन सचिव पशुपालन एवं गोपालन विकास सीतारामजी भाले सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में जुड़े.