पिता ने पुलिस को 'चाय' ऑफर की तो नाराज हुए दीपक बालियान? समझाइश से मेडिकल तक, उठे सवाल
Deepak Balyan: राजस्थान के अलवर जिले के कठूमर थाना क्षेत्र स्थित मानखेड़ा गांव में CJP नेता दीपक बालियान के घर बुधवार रात पुलिस पहुंचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. पार्टी ने पुलिस पर दीपक को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया, जबकि कठूमर थाने के ASI उमरुद्दीन ने हिरासत और मारपीट से इनकार किया. पुलिस के अनुसार, दीपक के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय पीने के लिए कहा, जिस पर दीपक नाराज हो गए. इसके बाद समझाइश, BNSS की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई और मेडिकल के बाद उन्हें घर छोड़ दिया गया.
CJP Leader Deepak Balyan: राजस्थान के अलवर जिले के कठूमर थाना क्षेत्र में CJP नेता दीपक बालियान के घर बुधवार रात पुलिस पहुंचने का मामला चर्चा में है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से पुलिस पर दीपक बालियान को अपने साथ ले जाने के आरोप लगाए गए थे. अब इस मामले में कठूमर पुलिस का बयान सामने आया है. पुलिस ने हिरासत में लेने और मारपीट के आरोपों को खारिज किया है. पुलिस के मुताबिक, दीपक को समझाइश देने के बाद मेडिकल कराया गया और फिर घर छोड़ दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम में चाय ऑफर करने का एक अलग ही एंगल सामने आया है.
पिता ने पुलिस को चाय पीने के लिए कहा, दीपक क्यों हुए नाराज?
कठूमर थाने के रात्रि ड्यूटी ऑफिसर ASI उमरुद्दीन के अनुसार, पुलिस बुधवार देर रात मानखेड़ा गांव स्थित दीपक बालियान के घर पहुंची थी. पुलिस का कहना है कि दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के मद्देनजर दीपक को समझाइश दी गई थी. ASI उमरुद्दीन के मुताबिक, इस दौरान दीपक के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय पीने के लिए कहा. पुलिस का दावा है कि इस बात पर दीपक बालियान नाराज हो गए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाने की कार्रवाई की. हालांकि, दीपक की नाराजगी की वजह को लेकर पुलिस का यह पक्ष है; इस पर दीपक की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है.
समझाइश के बाद मेडिकल, फिर घर छोड़ा
पुलिस के अनुसार, दीपक बालियान को समझाइश देने के बाद BNSS की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई की गई. इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें उनके घर छोड़ दिया गया. ASI उमरुद्दीन ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने दीपक को हिरासत में नहीं लिया था और न ही उनके साथ किसी तरह की मारपीट की गई. पुलिस ने हिरासत और मारपीट से जुड़े आरोपों को अफवाह बताया है.
CJP के आरोप और पुलिस के दावे में अंतर
इस मामले में CJP की ओर से पुलिस पर दीपक बालियान को जबरन अपने साथ ले जाने के आरोप लगाए गए थे. वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई समझाइश तक सीमित थी और मेडिकल के बाद दीपक को घर भेज दिया गया. ऐसे में दोनों पक्षों के दावों में अंतर है. फिलहाल, पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आया है, जबकि घटनाक्रम को लेकर दीपक बालियान का पक्ष सामने आना बाकी है. पूरे मामले में चाय ऑफर किए जाने और उसके बाद कथित नाराजगी का जिक्र भी पुलिस के बयान के आधार पर चर्चा में है.