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राजस्थान निकाय चुनाव में 4,426 बूथ संवेदनशील-क्रिटिकल, जयपुर में सबसे ज्यादा 804 क्रिटिकल केंद्र

Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन ने संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों की पहचान की है. प्रदेश में कुल 4,426 बूथ संवेदनशील-क्रिटिकल श्रेणी में हैं, जिनमें 3,703 क्रिटिकल और 723 संवेदनशील केंद्र हैं. जयपुर 804 क्रिटिकल केंद्रों के साथ सबसे आगे है. वहीं मतदान वाले क्षेत्रों में 9 और 11 सितंबर को अवकाश रहेगा. वोटर ID नहीं होने पर 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए मतदान किया जा सकेगा.

राजस्थान निकाय चुनाव में 4,426 बूथ संवेदनशील-क्रिटिकल, जयपुर में सबसे ज्यादा 804 क्रिटिकल केंद्र
Image Credit: Rajasthan Nikay Chunav 2026

Jaipur Critical Booths: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर में संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों की पहचान की गई है. राज्य में कुल 4,426 मतदान केंद्र संवेदनशील-क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं. इनमें 723 संवेदनशील और 3,703 क्रिटिकल मतदान केंद्र शामिल हैं.


जयपुर में सबसे ज्यादा क्रिटिकल बूथ

क्रिटिकल मतदान केंद्रों के मामले में जयपुर सबसे आगे है. जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में कुल 804 क्रिटिकल मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं. इनमें अकेले जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 652 क्रिटिकल केंद्र हैं. खास बात यह है कि जयपुर जिले में एक भी मतदान केंद्र संवेदनशील श्रेणी में नहीं रखा गया है.

इसके बाद जोधपुर में 207, अजमेर में 187, सीकर में 173, दौसा में 157 और बीकानेर में 151 क्रिटिकल केंद्र हैं. झुंझुनूं में 140, चूरू में 130, अलवर में 117 और श्रीगंगानगर में 110 क्रिटिकल मतदान केंद्र हैं. भरतपुर में 108, पाली में 105 तथा टोंक और डीडवाना-कुचामन में 102-102 क्रिटिकल केंद्र हैं.


कई जिलों में संवेदनशील बूथ भी चिन्हित

संवेदनशील मतदान केंद्रों की बात करें तो कोटा जिले में सबसे ज्यादा 154 संवेदनशील और 61 क्रिटिकल केंद्र हैं. राजसमंद में 69 संवेदनशील केंद्र हैं, जबकि यहां कोई क्रिटिकल केंद्र नहीं है. नागौर में 68 संवेदनशील और 3 क्रिटिकल केंद्र चिन्हित किए गए हैं.

हनुमानगढ़ में 63 संवेदनशील और 68 क्रिटिकल, कोटपूतली-बहरोड़ में 56 संवेदनशील और 44 क्रिटिकल तथा खैरथल-तिजारा में 48 संवेदनशील और 45 क्रिटिकल मतदान केंद्र हैं.


मतदान वाले क्षेत्रों में रहेगी छुट्टी

जयपुर जिले में मतदान दिवस को लेकर भी प्रशासन ने आदेश जारी किया है. जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक के आदेश के अनुसार मतदान वाले क्षेत्रों में 9 और 11 सितंबर को अवकाश रहेगा. यह फैसला राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद लिया गया है.

पहले चरण में मतदान वाले निकायों में 9 सितंबर को अवकाश रहेगा. जयपुर जिले में चौमूं और शाहपुरा नगर परिषद सहित बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी और वाटिका नगर पालिका क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान दिवस पर अवकाश मिलेगा.

वहीं 11 सितंबर को जयपुर नगर निगम क्षेत्र में मतदान होने के कारण संबंधित मतदाताओं के लिए अवकाश रहेगा. मतदान क्षेत्र से बाहर नौकरी करने वाले पंजीकृत मतदाताओं को भी वोट डालने के लिए अवकाश दिया जाएगा.

वोटर ID नहीं है तो भी कर सकेंगे मतदान

निकाय चुनाव में अगर किसी मतदाता के पास वोटर ID नहीं है तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है. निर्वाचन फोटो पहचान पत्र पेश नहीं कर पाने की स्थिति में 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए पहचान स्थापित कर मतदान किया जा सकेगा.

इनमें आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं.

इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनी का फोटोयुक्त कर्मचारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होगा. सांसद और विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का UDID कार्ड भी वैकल्पिक दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जाएगा.

मतदाता को इन दस्तावेजों में से कोई एक मूल फोटोयुक्त दस्तावेज मतदान केंद्र पर पहचान के लिए प्रस्तुत करना होगा. इससे वोटर ID कार्ड उपलब्ध नहीं होने पर भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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