चूरू में आश्रम में संत की हत्या से मचा हड़कंप, सुबह दूध देने पहुंचा शख्स तो सामने आया खौफनाक मंजर
चूरू के सादुलपुर क्षेत्र के नवां गांव स्थित दुर्गादास आश्रम में 66 वर्षीय संत सीताराम दास का शव लहूलुहान हालत में मिला. हत्या के मामले में मौनी बाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है. पुलिस और FSL टीम जांच में जुटी हैं.
चूरू जिले के सादुलपुर क्षेत्र के नवां गांव स्थित दुर्गादास आश्रम में 66 वर्षीय संत छेदीलाल उर्फ सीताराम दास की हत्या का मामला सामने आया. संत का शव आश्रम परिसर में लहूलुहान हालत में मिला. उनके सिर पर चोट के निशान थे. घटना की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई. बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पहुंच गए.
मामले में हमीरवास थाने में आश्रम में रात को ठहरे मौनी बाबा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. सूचना पर एसएचओ सतपाल विश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की. वहीं, एफएसएल टीम ने भी आश्रम पहुंचकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए.
रात को आश्रम में ठहरा था मौनी बाबा
पुलिस के अनुसार, बाबा पूर्णदास पुत्र लक्ष्मीनारायण, निवासी नवां, हाल निवासी दुर्गा कॉलोनी भिवानी (हरियाणा) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है. रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने बचपन से ही संन्यास जीवन धारण कर लिया था और वे गुरु बाबा दुर्गादास के शिष्य हैं. वर्ष 2018 में नवां गांव के ग्रामीणों के सहयोग से गांव की रोही में गुरु बाबा दुर्गादास के आश्रम का निर्माण करवाया गया था. वे इस आश्रम की देखरेख करते हैं.
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रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 से उनके शिष्य बाबा सीताराम दास (67), जिनका वास्तविक नाम छेदीलाल पुत्र गोकुल निवासी बनिका खिरी (उत्तर प्रदेश) है, आश्रम में रहकर देखरेख कर रहे थे. वहीं, सुरेंद्र पुत्र जयलाल निवासी गोकुलपुरा (हरियाणा), जिसे सुमरणदास उर्फ मौनी बाबा के नाम से जाना जाता है, भी अक्सर आश्रम में आराम करने के लिए आता-जाता रहता था.
तेज कदमों से जाते दिखा मौनी बाबा
रिपोर्ट में बताया गया कि गुरुवार सुबह गांव के अजय कुमार उर्फ राजेश ने फोन कर संत की हत्या की सूचना दी. वहीं, रोहताश जाट निवासी मालकास, हाल गुडाण ने बताया कि वह सुबह करीब 8:30 से 8:45 बजे के बीच आश्रम में दूध देने आया था. उस समय आश्रम में कोई मौजूद नहीं था. दूध रखकर वह गांव की ओर चला गया.
करीब आधे घंटे बाद जब वह वापस आश्रम की तरफ आ रहा था, तो रास्ते में उसे मौनी बाबा तेज कदमों से जाते और दौड़ते हुए दिखाई दिया. इसके बाद जब वह आश्रम पहुंचा तो संत सीताराम दास मृत अवस्था में पड़े मिले. उनके सिर से खून निकल रहा था.
शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट में मौनी बाबा पर हत्या करने का संदेह जताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल हत्या के कारणों और घटनाक्रम को लेकर पुलिस जांच कर रही है.
Reporter- Navratan Prajapat