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Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी रणनीति साफ कर दी है. जयपुर स्थित बसपा प्रदेश मुख्यालय में पंचायत चुनाव और दूसरे मुद्दों को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और प्रदेश अध्यक्ष सुमरत सिंह ने पार्टी का रुख बताया. बसपा नेताओं ने कहा कि पार्टी पंचायत चुनाव में किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी.
पंचायत चुनाव में अकेले उतरेगी बसपा
राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने कहा कि बसपा राजस्थान में जनता के सामने तीसरे विकल्प के तौर पर मौजूद है. उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव में शिक्षा और चिकित्सा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देगी. गौतम ने प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है.
उन्होंने साफ किया कि बसपा सिर्फ ग्राम पंचायत स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिला पंचायत चुनाव में भी अपने उम्मीदवार उतारेगी. पार्टी ने पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और उम्मीदवारों को लेकर भी काम किया जा रहा है.
गहलोत पर रामजी गौतम का निशाना
रामजी गौतम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत के मुख्यमंत्री रहते दो बार बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया गया. गौतम ने इसे बसपा के साथ धोखा बताते हुए कहा कि गहलोत ने पार्टी की पीठ में दो बार खंजर घोंपा. गौतम ने दावा किया कि अशोक गहलोत अब दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. उनके इस बयान के बाद पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.
केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति पर चुनाव लड़ेगी पार्टी
बसपा प्रदेश अध्यक्ष सुमरत सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और उसकी रणनीति के अनुसार लड़ा जाएगा. उन्होंने साफ किया कि पार्टी किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी.
सुमरत सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी उन लोगों के खिलाफ भी चुनावी रणनीति तैयार करेगी, जिन्होंने बसपा के साथ धोखा किया है. उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं.
भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना
सुमरत सिंह ने भाजपा सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं परेशान हैं और सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों से जनता को वह समाधान नहीं मिल रहा, जिसकी उसे उम्मीद है. ऐसे में बसपा पंचायत चुनाव के जरिए खुद को तीसरे विकल्प के तौर पर पेश करेगी.
राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी हो चुका है और ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं. ऐसे में बसपा के अकेले चुनाव लड़ने के ऐलान से पंचायत चुनाव में मुकाबले के समीकरण और उम्मीदवारों की रणनीति पर असर पड़ सकता है.