तीन दिन से भटक रहे परिजनों की खत्म हो गई तलाश: तालाब में मिली दो मासूमों की लाश, भारी हंगामा
Bhilwara News: भीलवाड़ा में तीन दिन से लापता दो मासूम बच्चों के शव तालाब में मिलने से हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान 10 वर्षीय दिव्यांशु सोनी और 12 वर्षीय रजत जाट के रूप में हुई है. दोनों बच्चे एक ही मोहल्ले के रहने वाले और दोस्त बताए जा रहे हैं. शव मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने महात्मा गांधी चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर हंगामा किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया.
Bhilwara Missing Children: भीलवाड़ा में तीन दिन से लापता दो मासूम बच्चों के शव मंगलवार शाम तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई. दोनों बच्चे शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र के किलकीपुरा वार्ड नंबर 38 के रहने वाले थे. मृतकों की पहचान 10 वर्षीय दिव्यांशु सोनी और 12 वर्षीय रजत जाट के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों एक ही मोहल्ले में रहते थे और आपस में दोस्त थे. दोनों बच्चों के अचानक लापता होने के बाद परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे. मंगलवार शाम सुभाष नगर थाना क्षेत्र के पालड़ी गांव के पास स्थित तालाब में दोनों के शव मिलने की जानकारी सामने आई.
भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र के किलकीपुरा वार्ड नंबर 38 से तीन दिन से लापता दो मासूम बच्चों के शव मंगलवार शाम सुभाष नगर थाना क्षेत्र के पालड़ी गांव के पास एक तालाब में मिले. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान 10 वर्षीय दिव्यांशु सोनी और 12 वर्षीय रजत जाट के रूप में हुई है. दोनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले और आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं.
कपड़े तालाब के बाहर मिले
बच्चों के तालाब में होने की सूचना मिलने के बाद एसपी सागर राणा सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस के अनुसार, तालाब के बाहर दोनों बच्चों के कपड़े मिले. इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से जिला महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया. चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया.
तीन दिन से तलाश में जुटे थे परिजन
बच्चों के लापता होने के बाद से ही परिजन उनकी तलाश कर रहे थे. शव मिलने की सूचना के बाद परिजन अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे. परिजनों ने पुलिस पर बच्चों की तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि यदि समय रहते बच्चों की तलाश को लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो शायद उन्हें जल्द ढूंढा जा सकता था.
पोस्टमार्टम को लेकर नहीं बनी सहमति
दोनों बच्चों की मौत के बाद 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. जाट समाज सहित अन्य समाजों के प्रतिनिधि भी मोर्चरी के बाहर पहुंचे और सहमति बनने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात पर जोर दिया. परिजन बीती रात से ही मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं. सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने भी घटना पर दुख जताते हुए मामले में कार्रवाई और न्याय की मांग की है.
तालाब में मिले शव
बच्चों के शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया. एसपी सागर राणा सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दोनों शवों को तालाब से बाहर निकलवाया और महात्मा गांधी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग भी मोर्चरी पहुंच गए. बच्चों की मौत से गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मोर्चरी के बाहर परिजनों और उनके साथ मौजूद लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि अगर पुलिस ने बच्चों की तलाश में सही दिशा में और तेजी से काम किया होता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी. परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे एक तीसरे बच्चे से गंभीरता से पूछताछ करने की भी बात कही. उनका आरोप है कि बच्चों के लापता होने के बाद जांच में तेजी दिखाई जाती तो मामले का पता पहले ही चल सकता था.
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल दोनों बच्चों के शव मोर्चरी में रखे गए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. बच्चों की मौत तालाब में डूबने से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस बच्चों के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है. सीसीटीवी फुटेज और बच्चों के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. वहीं, बच्चों की मौत के बाद परिवार में मातम है और परिजन पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.