राजस्थान के बारां में पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने जिला परिषद के वार्ड 23 से पूर्व महिला बीएसएफ जवान माया औड को प्रत्याशी बनाया है. पांच साल तक देश सेवा करने के बाद अब माया चुनाव के जरिए समाज सेवा करना चाहती हैं. टिकट मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अगर वह चुनाव जीतती हैं तो जनता की समस्याओं को उठाएंगी और उनके समाधान का पूरा प्रयास करेंगी. परानिया निवासी माया औड का कहना है कि उन्होंने देश की सेवा की है और अब समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं. उनके मुताबिक, घर लौटने के बाद जब उन्होंने समाज की स्थिति देखी तो उन्हें लगा कि कई ऐसी बातें हैं, जिनमें सुधार होना चाहिए. इसी सोच के साथ उन्होंने पंचायत चुनाव में उतरने का फैसला किया.
174 बटालियन BSF में थीं तैनात
माया औड महिला कांस्टेबल के रूप में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 174 बटालियन में तैनात थीं. यह बटालियन फिलहाल पश्चिम बंगाल के रानीनगर में है. माया ने बताया कि पारिवारिक समस्याओं के चलते उन्हें नौकरी छोड़कर घर लौटना पड़ा. घर आने के बाद उन्होंने आसपास के समाज की स्थिति को देखा. माया के अनुसार, उन्हें लगा कि समाज में कुछ अच्छा होना चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है. इसके बाद उनके मन में समाज के लिए काम करने का विचार आया.
बोलीं- देश की सेवा कर सकती हूं तो समाज की क्यों नहीं?
माया औड ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब वह देश की सेवा कर सकती हैं तो समाज की सेवा क्यों नहीं कर सकतीं. इसी सोच के साथ उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया. उनका कहना है कि देश की सेवा करने के बाद अब वह अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करना चाहती हैं. पंचायत चुनाव के जरिए वह जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें आगे उठाना चाहती हैं.
भाजपा ने वार्ड 23 से बनाया प्रत्याशी
बारां जिला परिषद के वार्ड 23 से भाजपा ने माया औड पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है. माया ने टिकट मिलने पर विश्वास जताया कि वह चुनाव जीतेंगी और लोगों की सेवा करने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि वह जनता की समस्याओं को सामने लाएंगी और उनके समाधान के लिए पूरा प्रयास करेंगी. उनके मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना और लोगों की परेशानियों को आगे पहुंचाना होगा.
अब समाज सेवा के इरादे से चुनाव मैदान में
माया औड का सफर देश सेवा से शुरू हुआ और अब वह पंचायत चुनाव के जरिए समाज सेवा करना चाहती हैं. पारिवारिक समस्याओं के कारण BSF से घर लौटने के बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए काम करने का फैसला किया. भाजपा की ओर से वार्ड 23 से टिकट मिलने के बाद अब उनकी नजर चुनाव जीतने पर है. माया का कहना है कि वह जीत के बाद जनता की समस्याओं को उठाने और उनका समाधान कराने का पूरा प्रयास करेंगी. अब चुनाव में मतदाताओं का समर्थन उन्हें कितना मिलता है, यह नतीजों के बाद साफ होगा.