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Rajasthan News: बारां नगर परिषद चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद वार्ड-16 से भाजपा प्रत्याशी एडवोकेट अंतिमा यादव अपने पति और बच्चे समेत लापता हो गई हैं. मतदान के बाद से अंतिमा यादव, उनके पति संजय यादव और 7-8 साल के बच्चे के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं. परिजनों की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव दोनों पेशे से अधिवक्ता हैं. 9 सितंबर को नगर परिषद चुनाव के पहले चरण का मतदान हुआ था. परिजनों का आरोप है कि मतदान के दिन अंबेडकर भवन स्थित मतदान केंद्र पर जनसंपर्क करने के बाद घर लौटते समय अज्ञात लोग उन्हें जबरन अपने साथ ले गए.
शाम तक बूथ पर दिखाई दी थीं
अंतिमा यादव के परिजन राजेंद्र यादव ने बताया कि वह मतदान केंद्र पर पोलिंग एजेंट के रूप में तैनात थे. उनके अनुसार, शाम करीब 5 बजे तक अंतिमा यादव मतदान केंद्र पर ही दिखाई दी थीं. मतदान खत्म होने के बाद जब वह घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. काफी तलाश के बाद भी जब अंतिमा यादव, उनके पति और बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद अंतिमा की सास अंगूरी बाई और मां कृष्णा बाई की ओर से कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
पार्टी से भी संपर्क टूटा
घटना के बाद भाजपा संगठन की ओर से भी अंतिमा यादव से संपर्क नहीं हो पाया. भाजपा नगर अध्यक्ष ओपी पारेता ने बताया कि मतदान के बाद पार्टी अपने सभी प्रत्याशियों से फीडबैक लेती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें कार्यालय भी बुलाया जाता है. लेकिन मतदान के बाद से अंतिमा यादव से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार से भी पार्टी को कोई जानकारी नहीं मिली है. पारेता के अनुसार, पार्टी अपने स्तर पर भी उनकी तलाश कर रही है. उन्होंने बताया कि वार्ड-16 में भाजपा की स्थिति मजबूत है और पार्टी को जीत की पूरी उम्मीद है.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोतवाली थाना सीआई हीरालाल पुनिया ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आसपास के रास्तों और इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. मतदान के बाद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की चर्चाओं के बीच भाजपा प्रत्याशी के पति और बच्चे समेत लापता होने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला अपहरण का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है.