ये प्यास है अधूरी: बीसलपुर से नई पाइप लाइन बिछाने वाली योजना सवालों में,6 महीने बाद भी नहीं बन पाई DPR
Bisalpur Water Project: अजमेर और टोंक समेत चार जिलों की भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बीसलपुर से नई पाइपलाइन बिछाने की योजना में देरी हो रही है. करीब 1,950 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की DPR छह महीने बाद भी तैयार नहीं हुई है. योजना के तहत नया इनटेक वेल और बीसलपुर से सूरजपुरा तक 8 किलोमीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है.
जयपुर समेत कई जिलों की भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रस्तावित बीसलपुर की नई पाइपलाइन योजना अभी डीपीआर के इंतजार में है. करीब 1,950 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की डीपीआर छह महीने बाद भी तैयार नहीं हो पाई है. बीसलपुर की मौजूदा पेयजल लाइन की निर्धारित आयु पूरी होने के चलते दूसरी लाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी. लेकिन डीपीआर में देरी से परियोजना की समयसीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
2054 की आबादी को ध्यान में रखकर योजना
नई योजना का उद्देश्य भविष्य में बीसलपुर बांध से पेयजल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाना है. इसके तहत बांध में नया इनटेक वेल बनाने का प्रस्ताव है. नया वेल बीसलपुर मंदिर के पास बनाया जाएगा. दोनों इनटेक वेल की संयुक्त क्षमता करीब 2,000 एमएलडी करने की योजना है, जबकि वर्तमान में लगभग 1,000 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है. प्रोजेक्ट के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से लोन लेने की योजना बताई गई है. इसके अलावा बीसलपुर से सूरजपुरा तक करीब 8 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है.
गर्मियों में शटडाउन से राहत की तैयारी
बीसलपुर से पानी की आपूर्ति पर निर्भर क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान जलसंकट की स्थिति सामने आती है. पाइपलाइन के बार-बार शटडाउन और मौजूदा व्यवस्था की सीमाओं को देखते हुए नई लाइन की योजना तैयार की गई है. प्रस्तावित परियोजना में डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी जलदाय विभाग की है. बताया गया है कि विभाग इस काम में किसी सेवानिवृत्त इंजीनियर की मदद भी ले रहा है. शहरी चीफ इंजीनियर देवराज सौलंकी को प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई है.
वर्तमान और भविष्य की पानी की मांग
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 1.05 करोड़ आबादी के लिए 1,434 एमएलडी पानी की जरूरत बताई गई है, जबकि बीसलपुर से लगभग 1,000 एमएलडी पानी मिल रहा है. वर्ष 2054 तक आबादी बढ़ने के साथ पानी की मांग लगभग 2,134 एमएलडी तक पहुंचने का अनुमान है. प्रस्तावित योजना के तहत भविष्य में जयपुर को 1,188 एमएलडी, टीएम-1 और टीएम-2 को मिलाकर 229 एमएलडी तथा अजमेर को करीब 571 एमएलडी पानी मिलने की उम्मीद जताई गई है.
डीपीआर में देरी से प्रोजेक्ट पर असर
पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पूरी होने पर बीसलपुर को अतिरिक्त 11.6 टीएमसी पानी मिलने की बात कही गई है. इससे भविष्य में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, नई पाइपलाइन और इनटेक वेल की योजना आगे बढ़ाने के लिए डीपीआर तैयार होना जरूरी है. छह महीने बाद भी डीपीआर लंबित होने से यह सवाल उठ रहा है कि परियोजना समय पर पूरी कैसे होगी.