दौसा में परिवारवाद की राजनीति: तीन महिला प्रत्याशियों के बीच जिला प्रमुख पद की दावेदारी
दौसा में पंचायत चुनाव के बीच परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति खूब चर्चा में है. कांग्रेस विधायक DD बैरवा की पत्नी बीना बैरवा, पूर्व मंत्री ममता भूपेश की बेटी देवांगना और BJP विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या देवी चुनावी मैदान में हैं. जिला प्रमुख का पद SC महिला के लिए आरक्षित होने से तीनों प्रत्याशियों की दावेदारी पर चर्चा है.
राजस्थान के दौसा जिले में पंचायत राज चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति भी दिखाई दे रही है. दौसा से कांग्रेस विधायक डीडी बैरवा की पत्नी बीना बैरवा जिला परिषद सदस्य के लिए चुनावी मैदान में हैं, तो वहीं गहलोत सरकार में मंत्री रही ममता भूपेश की बेटी देवांगना भी राजनीति में अपना भाग्य आजमा रही हैं. साथ ही सिकराय से भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या देवी ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है. दौसा जिला प्रमुख की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है. ऐसे में तीनों ही प्रत्याशी जिला प्रमुख की प्रबल दावेदार भी हैं. तीनों ही प्रत्याशियों का जिले में बड़ा राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है.
परिवारवाद और वंशवाद को लेकर बोलीं ममता भूपेश
पूर्व मंत्री ममता भूपेश सिकराय से दो बार विधायक रह चुकी हैं, तो दोनों ही गहलोत सरकार में मंत्री भी रही हैं. ऐसे में इलाके में भूपेश की गहरी पैठ भी है. वहीं भूपेश के पति डॉक्टर घनश्याम बैरवा सेवानिवृत आईएएस अधिकारी हैं. ऐसे में बेटी देवांगना भी राजनीति में आने को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दे रही हैं. परिवारवाद और वंशवाद को लेकर ममता भूपेश ने कहा कि अगर बच्चों की राजनीति में रुचि है, तो उनको मौका मिले तो कोई बुरी बात नहीं है. वहीं देवांगना ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सोच से प्रेरित होकर राजनीति में कदम रखा है और मेरा मकसद है मां की तरह मैं भी जनता की सेवा करूं.
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पार्टी के आदेश पर कौशल्या देवी के चुनाव लड़ने का दावा
वहीं वर्तमान में सिकराय से भाजपा के विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या देवी इस चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रही हैं. कौशल्या देवी के पति जियालाल बंशीवाल दौसा से दो बार विधायक रह चुके हैं, तो वहीं एक बार दौसा के जिला प्रमुख भी रहे हैं. ऐसे में कौशल्या देवी का भी राजनीतिक बैकग्राउंड बड़ा है. कौशल्या देवी का कहना है कि उनको पार्टी ने आदेश दिया है इसलिए वह चुनाव लड़ रही हैं. कौशल्या देवी के परिवार के अन्य कई सदस्य भी दौसा से विधायक रह चुके हैं ऐसे में उनका पिछले 5 दशक से राजनीति से गहरा नाता रहा है
विधायक डीडी बैरवा की पत्नी चुनावी रण में ठोक रहीं ताल
कांग्रेस से दौसा विधायक डीडी बैरवा की पत्नी बीना बैरवा भी पंचायत चुनावी रण में ताल ठोक रही हैं. बीना बैरवा पूर्व में जीरोता ग्राम पंचायत से सरपंच रह चुकी हैं. साथ ही लवण की प्रधान भी रही हैं. बीना के ससुर स्वर्गीय किशन लाल बैरवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और दौसा पंचायत समिति के प्रधान भी रहे हैं. खुद डीडी बैरवा भी दौसा पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं. ऐसे में बीना बैरवा का भी कांग्रेस में एक अच्छा खासा राजनीतिक अनुभव है.
अब इस चुनावी रण में जिला प्रमुख की तीनों महिला दावेदार प्रत्याशियों में से किसको जीत मिलेगी, किसको हार... यह तो मतदाता तय करेंगे, लेकिन फिलहाल तीनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. वहीं तीनों ही प्रत्याशियों का बड़ा राजनीतिक बैकग्राउंड होने के चलते तीनों की प्रतिष्ठा भी दाव पर है.