Bikaner Nagar Nigam Chunav: बीकानेर नगर निगम की राजनीति में महज 48 घंटे के भीतर सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई. कल तक जिस नगर निगम में कांग्रेस की एकतरफा जीत की चर्चा थी, आज उसी निगम में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए उप महापौर की कुर्सी अपने नाम कर ली. 21 सितंबर को मेयर चुनाव में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50 के मुकाबले 30 वोटों से शिकस्त दी थी, लेकिन आज डिप्टी मेयर के चुनाव में पूरा गणित पलट गया.
सुबह नामांकन से शुरू हुआ सियासी खेल शाम तक नतीजे में बदल गया. बीजेपी ने पंकज गहलोत को मैदान में उतारा और कांग्रेस की ओर से छह पार्षदों ने नामांकन दाखिल किया. नाम वापसी के दौरान पांच ने अपने नामांकन वापस ले लिए और नसीम बानो कांग्रेस की आधिकारिक प्रत्याशी बनीं.
नामांकन से नतीजे तक बदली तस्वीर
उप महापौर चुनाव में सुबह से ही नगर निगम परिसर में सियासी हलचल तेज थी. नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों दलों के पार्षदों और समर्थकों की मौजूदगी रही. इसी बीच कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और गर्मागर्मी का माहौल भी देखने को मिला. नाम वापसी का समय आया तो कांग्रेस के छह नामांकन में से पांच वापस हो गए. इसके बाद मुकाबला बीजेपी के पंकज गहलोत और कांग्रेस की नसीम बानो के बीच सीधा हो गया. कांग्रेस ने महिला और अल्पसंख्यक चेहरे पर दांव खेला, तो बीजेपी ने पंकज गहलोत को मैदान में उतारा.
आया चौंकाने वाला आंकड़ा
मतदान हुआ और 80 पार्षदों ने अपने मत का इस्तेमाल किया. मतगणना के बाद जो आंकड़े सामने आए, उन्होंने कल के नतीजे की पूरी तस्वीर बदल दी. बीजेपी के पंकज गहलोत को 40 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की नसीम बानो को 38 वोट मिले. एक वोट नोटा रहा और एक वोट खारिज हुआ यानी कल मेयर चुनाव में 50 वोट हासिल करने वाली कांग्रेस आज उप महापौर चुनाव में 38 वोट पर आ गई. वहीं, कल 30 वोट पाने वाली बीजेपी आज 40 के आंकड़े तक पहुंच गई.
सबसे बड़ा सवाल-कहां बदला गणित?
अब बीकानेर की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर 24 घंटे में ऐसा क्या बदला कि कांग्रेस के 12 वोट कम हो गए? और बीजेपी के 10 वोट बढ़ गए? क्या दोनों चुनावों में अलग-अलग सियासी समीकरण बने? क्या पार्षदों की प्राथमिकताएं बदलीं? या फिर क्रॉस वोटिंग हुई?हालांकि मतदान गोपनीय होने के कारण यह सार्वजनिक रूप से तय नहीं किया जा सकता कि किस पार्षद ने किसे वोट दिया लेकिन नतीजों के आंकड़ों ने कांग्रेस के भीतर जरूर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
बीजेपी का जश्न, कांग्रेस का मंथन
बीजेपी की जीत के बाद विधायक जेठानंद व्यास समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. विधायक ने पार्षदों का आभार जताते हुए कहा कि कल जो गलती हुई थी, आज उसे सुधारने की कोशिश की गई है. बीजेपी नेताओं ने इस जीत के बाद कांग्रेस पर भी निशाना साधा.
दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए ये नतीजे मंथन का विषय बन गए हैं. नए मेयर अनिल कल्ला ने नतीजे को अपने लिए भी चौंकाने वाला बताया और कहा कि कहां चूक हुई, इसका आकलन किया जाएगा. पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला और जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने भी 50 से 38 वोट आने को गंभीरता से लेते हुए क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी गड़बड़ी की संभावनाओं पर मंथन की बात कही.
दो दिन, 2 तस्वीरें
बीकानेर नगर निगम के इतिहास में ये चुनावी घटनाक्रम अपने आप में अलग सियासी तस्वीर पेश कर रहा है. कल कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर बने और आज बीजेपी के पंकज गहलोत उप महापौर. यानी 80 पार्षदों वाले सदन में दो दिन में सत्ता के समीकरणों की दो अलग तस्वीरें सामने आईं. अब कांग्रेस के सामने सिर्फ उप महापौर चुनाव की हार नहीं, बल्कि कल के 50 और आज के 38 वोटों के बीच के अंतर को समझने की चुनौती है. वहीं, बीजेपी के लिए आज की जीत उसके चुनावी समीकरणों की नई तस्वीर लेकर आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के भीतर होने वाला मंथन बीकानेर की सियासत की अगली दिशा तय करने वाला होगा.
Report-Raunak Vyas