क्या आपके घर आ रहा है 'मौत' वाला घी? बीकानेर के वायरल वीडियो का सच!
Rajasthan News: बीकानेर के जोड़बीड़ इलाके में मृत पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच की. बीकानेर की वायरल वीडियो के बाद पूरी घटना की जांच की गई. जिसमें CMHO डॉ. पुखराज ने बताया कि आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला.
Bikaner News: बीकानेर के जोड़बीड़ इलाके में मृत पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाने की चर्चा के बाद हड़कंप मच गया. मामले की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की. हालांकि, शुरुआती जांच में अधिकारियों को ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले, जिनसे मृत पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाए जाने के आरोपों की पुष्टि हो सके. फिलहाल, शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है.
शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीमें
जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर नोखा के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमों ने जोड़बीड़ इलाके में पहुंचकर जांच-पड़ताल की. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद हालात और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तथ्यों की जांच की. इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में दिनभर चर्चा होती रही.
स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला कोई सबूत
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध ने शुरुआती जांच के बाद बताया कि मौके पर प्रथम दृष्टया ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे मृत पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाने के आरोप सही साबित हों. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान फिलहाल आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है.
पुलिस ने भी की जांच
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की. पुलिस की ओर से भी ऐसी किसी संदिग्ध सामग्री के मिलने की जानकारी नहीं दी गई, जिससे नकली घी बनाने के आरोपों की पुष्टि हो सके. यानी शुरुआती पड़ताल में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस, दोनों को ही शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.
आगे की जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
इस मामले में फिलहाल अधिकारियों की शुरुआती जांच ही सामने आई है. ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. आगे की पड़ताल में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच अहम रहेगी. अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी. फिलहाल, मौके पर मृत पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है.
असली और नकली घी की कैसे करें पहचान
घर पर असली और नकली घी की पहचान करने के लिए कुछ आसान तरीके आजमा सकते हैं. हथेली पर थोड़ा घी रखें, अगर वह शरीर की गर्मी से पिघलकर आसानी से फैलने लगे, तो यह उसकी गुणवत्ता का संकेत हो सकता है. एक गिलास पानी में एक चम्मच घी डालकर भी देख सकते हैं, लेकिन केवल पानी पर तैरने से घी के शुद्ध होने की पुष्टि नहीं होती. इसी तरह, घी को गर्म करने पर उसके पिघलने, रंग और खुशबू पर ध्यान दें. थोड़ा घी कांच के बर्तन में रखकर 3-4 घंटे फ्रिज में रखने से उसके जमने का तरीका भी देखा जा सकता है, हालांकि इन घरेलू तरीकों से मिलावट की पक्की पहचान नहीं होती. असली घी का रंग आमतौर पर हल्का पीला या सुनहरा हो सकता है और उसमें प्राकृतिक खुशबू आती है, लेकिन रंग और गंध से भी शुद्धता तय नहीं की जा सकती. घी में मिलावट की सही पुष्टि के लिए खाद्य पदार्थों की जांच करने वाली मान्यता प्राप्त लैब या खाद्य सुरक्षा विभाग की मदद लेना बेहतर है. हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) जैसे रसायनों से घर पर जांच न करें, क्योंकि ये खतरनाक हो सकते हैं.