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Bharatpur News: राजस्थान के भरतपुर के बयाना के खटनावाली गांव में सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये कीमत की 274 कार्टन दवाइयां मिलने के बाद अब जांच सिर्फ बरामदगी तक सीमित नहीं है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में ब्रांडेड दवाइयां आखिर कहां से आईं और इन्हें कुएं में क्यों छिपाया गया?
डंपिंग ग्राउंड या सीक्रेट स्टोरेज?
जांच एजेंसियों के सामने पहला सवाल यह है कि कुएं में दवाइयां हाल ही में सबूत मिटाने के लिए फेंकी गईं या लंबे समय से वहां छिपाकर रखी गई थीं. दवाइयों की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी डेट से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि स्टॉक कब और कैसे वहां पहुंचा.
आगरा कनेक्शन ने बढ़ाए सवाल
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि संबंधित दवाइयों को लेकर आगरा में भी कार्रवाई और जब्ती हुई है तथा थाना मलपुरा में FIR दर्ज कराई गई है. अब जांच का अहम बिंदु यह है कि क्या बयाना और आगरा में मिली दवाइयों का स्रोत एक ही है? क्या आगरा में दवाओं का कोई मैन्युफैक्चरिंग, री-पैकिंग या डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सक्रिय था-इसका जवाब बैच नंबर और निर्माता के रिकॉर्ड से सामने आएगा.
5 करोड़ का स्टॉक डिपो से बाहर कैसे निकला?
इतनी बड़ी मात्रा में ब्रांडेड दवाइयां वैध सप्लाई चेन से बाहर कैसे पहुंचीं, यह भी बड़ा सवाल है. निर्माता कंपनियों से बैचवार उत्पादन, डिस्पैच, डिपो स्टॉक, डिस्ट्रीब्यूटर और बिक्री के रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं. जांच में यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी डिपो, सीएंडएफ एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर स्टॉक में हेरफेर तो नहीं हुआ.
कहां खपाया जाना था स्टॉक?
जांच का अगला बड़ा सवाल दवाओं की संभावित मंजिल को लेकर है. क्या यह स्टॉक ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध तरीके से खपाया जाना था या री-पैकिंग/लेबलिंग के बाद बड़े मेडिकल बाजार में उतारने की तैयारी थी? हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दवाएं किसी खास बाजार या मेडिकल स्टोर के लिए थीं. इसका खुलासा बिल, सप्लाई रिकॉर्ड, पैकिंग और बैच ट्रेसिंग से ही होगा.
10 सैंपल जांच के लिए भेजे
बयाना में बरामद दवाओं के 10 नमूने गुणवत्ता जांच के लिए लिए गए हैं. विभाग नकली, मिलावटी, परिवर्तित या अवधि-पार दवाओं की आशंका की जांच कर रहा है.
अब जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल
1. बयाना का कुआं डंपिंग ग्राउंड था या सीक्रेट वेयरहाउस?
2. आगरा और बयाना में मिले स्टॉक का स्रोत क्या एक ही है?
3. 5 करोड़ की दवाओं को वैध सप्लाई चेन से बाहर निकालने में कौन-कौन शामिल था?
इन सवालों के जवाब बैच नंबर, निर्माता रिकॉर्ड और पूरी सप्लाई चेन की जांच के बाद सामने आएंगे.
बयाना तहसील के खटनावली गांव में एक सूखे कुएं से दवाइयों की 150 से अधिक पेटियां मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, पेटियों में नामी कंपनियों के ब्रांड नाम वाली संदिग्ध नकली दवाइयां थीं, जिनमें डायबिटीज, बीपी, एलर्जी, दर्द और मोटापा घटाने से जुड़ी दवाइयां शामिल बताई गई हैं.