राजस्थान निकाय चुनाव: निर्दलीय प्रत्याशी के पति की गिरफ्तारी से बहरोड़ में बवाल, व्यापारियों ने दी बाजार बंद की चेतावनी
Jaipur News: बहरोड़ नगर परिषद चुनाव में वार्ड 7 की निर्दलीय प्रत्याशी रेखा अग्रवाल के पति संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी से माहौल गरमा गया. व्यापारियों ने विरोध जताते हुए जल्द रिहाई नहीं होने पर बाजार बंद करने की चेतावनी दी. पुलिस ने बूथ पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है.
Jaipur News: नगर परिषद चुनाव के दौरान बहरोड़ में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब वार्ड नंबर 7 से निर्दलीय प्रत्याशी रेखा अग्रवाल के पति संजय अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों और उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली. व्यापारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संजय अग्रवाल को जल्द रिहा करने की मांग की है.
गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों में आक्रोश
संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बहरोड़ के कई व्यापारी उनके समर्थन में लामबंद हो गए. स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि संजय अग्रवाल को पुलिस ने जबरन गिरफ्तार किया और देर रात तक रिहा नहीं किया गया. इसी को लेकर व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया.
व्यापारी संघ की ओर से पुलिस और प्रशासन के सामने संजय अग्रवाल की रिहाई की मांग रखी गई है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द रिहा नहीं किया गया तो बहरोड़ का बाजार पूरी तरह बंद रखा जाएगा.
व्यापारियों ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप
व्यापारियों का आरोप है कि चुनावी माहौल में निर्दलीय प्रत्याशी को दबाव में लेने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है. उनका कहना है कि संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक दबाव हो सकता है.
इन आरोपों को पुलिस ने खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति को देखते हुए की गई है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं है.
पुलिस ने बताई गिरफ्तारी की वजह
पुलिस के अनुसार संजय अग्रवाल अपने बूथ पर बार-बार अशांति फैला रहे थे. पुलिस का दावा है कि उन्हें कई बार समझाया गया, लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माने. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया.
पुलिस ने यह भी कहा है कि संजय अग्रवाल के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. ऐसे में चुनाव के दौरान बूथ पर बार-बार अशांति की स्थिति पैदा होने के बाद पुलिस के लिए कार्रवाई करना जरूरी था. पुलिस ने साफ किया है कि संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी किसी राजनीतिक दबाव में नहीं की गई है. प्रशासन का कहना है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरीं रेखा अग्रवाल
गौरतलब है कि वार्ड नंबर 7 से रेखा अग्रवाल निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं. बताया गया है कि मुख्य राजनीतिक दल से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया.
चुनावी प्रचार के दौरान रेखा अग्रवाल को मिल रहे समर्थन के बीच उनके पति संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी ने स्थानीय राजनीति को और गरमा दिया है. गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और व्यापारियों की सक्रियता से चुनावी माहौल में तनाव बढ़ गया है.
बाजार बंद की चेतावनी से प्रशासन अलर्ट
व्यापारियों की ओर से बाजार बंद करने की चेतावनी के बाद पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
फिलहाल पूरे मामले में व्यापारियों और पुलिस के आरोप-प्रत्यारोप के बीच बहरोड़ में चुनावी माहौल गर्म बना हुआ है. एक तरफ व्यापारी संजय अग्रवाल की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई बता रही है.