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पुलिस के गांव पहुंचते ही नरेश मीणा के परिजनों ने विरोध जताया. नरेश मीणा की मां और पिता ने पुलिस के इस तरह घर पहुंचने और तलाशी लेने पर नाराजगी व्यक्त की. परिजनों का कहना था कि पुलिस बिना सूचना के अचानक भारी बल के साथ पहुंची, जिससे परिवार में दहशत फैल गई. पुलिस ने घर पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन नरेश मीणा गांव में नहीं मिले. इसके बाद टीम बैरंग वापस लौट आई.टीम में अटरू सीओ रामानंद यादव, छबड़ा सीआई राजेश खटाना ,मोठपुर थाना सीआई कमल सिंह, बारां सदर सीआई नवलकिशोर मीना और डीएसटी की टीम शामिल थी.

नरेश मीणा पर रेंज कार्यालय में तोड़फोड़-मारपीट का आरोप
बता दें कि नाहरगढ़ कस्बे में वनकर्मियों से मारपीट मामले में दर्ज केस में गिरफ्तार करने के लिए टीम पहुंची थी. आरोप है कि चुनावी सभा के दौरान नरेश मीणा अपने हजारों समर्थकों के साथ रेंज कार्यालय में घुस गए थे. इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई. वनकर्मी की ओर से मारपीट एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले में नाहरगढ़ पुलिस चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
मैं 6 नवंबर को थाने में खुद सरेंडर करूंगा- नरेश मीणा
इस बीच नरेश मीणा की ओर से जानकारी दी जा रही है कि वो 6 नवंबर को नाहरगढ़ थाने में पहुंचकर खुद गिरफ्तारी देंगे. समर्थकों के मुताबिक नरेश मीणा ने कहा है कि वो कानून का सम्मान करते हैं और तय तारीख को थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करेंगे. पुलिस के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही क्षेत्र में समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही.
याद दिला दें कि पिछले एक महीने में नरेश मीणा पर 3 केस दर्ज हो चुके हैं. 1 नवंबर को नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में वनकर्मियों से मारपीट और तोड़फोड़ के साथ सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज हुआ है. इससे पहले छबड़ा में खाद की मांग को लेकर नरेश मीणा ने एसडीएम ऑफिस के बाहर किसानों के साथ धरना दिया था. इस मामले में उनके खिलाफ अधिकारियों को धमकाने समेत 8 धाराओं में एफआईआर दर्ज की गयी थी. इसके अलावा जयपुर कूच के दौरान भी नरेश मीणा पर शिवदासपुरा टोल पर जाम लगाने के मामले में केस दर्ज हुआ था .