टिकट कटा तो बगावत! शाहाबाद में कांग्रेस नेता वीरेंद्र अग्रवाल ने भरा निर्दलीय पर्चा, बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल
बारां की शाहाबाद पंचायत समिति में कांग्रेस को झटका लगा है. प्रधान पद के प्रबल दावेदार एडवोकेट वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने टिकट नहीं मिलने पर वार्ड 14 से निर्दलीय नामांकन भरा. उनके मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.
बारां जिले की शाहाबाद पंचायत समिति में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रधान पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता एडवोकेट वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत का रास्ता अपना लिया है. उन्होंने शाहाबाद पंचायत समिति के वार्ड नंबर 14 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है. उनके इस कदम से कांग्रेस में हलचल मच गई है. वहीं, वार्ड नंबर 14 में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है और प्रधान पद के चुनाव के समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं.
टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे वीरेंद्र अग्रवाल
शाहाबाद पंचायत समिति में वीरेंद्र कुमार अग्रवाल को प्रधान पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था. लेकिन पार्टी आलाकमान की ओर से उन्हें टिकट नहीं दिया गया. इससे नाराज होकर उन्होंने वार्ड नंबर 14 से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. नामांकन दाखिल करने के दौरान कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी उनके साथ मौजूद रहे. वीरेंद्र अग्रवाल के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने से शाहाबाद में कांग्रेस के सामने चुनौती खड़ी हो गई है. अब वार्ड नंबर 14 का चुनाव दिलचस्प हो गया है. उनके इस फैसले का असर प्रधान पद के चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है.
वार्ड नंबर 14 में तीन प्रत्याशियों ने भरा नामांकन
शाहाबाद पंचायत समिति के वार्ड नंबर 14 में सबसे ज्यादा तीन नामांकन दाखिल हुए हैं. यहां अभिषेक ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में, एडवोकेट वीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में और अश्विनी ने भी कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है. इस तरह वार्ड नंबर 14 में तीन नामांकन सामने आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. वीरेंद्र अग्रवाल के निर्दलीय मैदान में आने से इस वार्ड की चुनावी तस्वीर बदल गई है. अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि चुनाव में किस प्रत्याशी को कितना समर्थन मिलता है.
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छात्र जीवन से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं अग्रवाल
वीरेंद्र कुमार अग्रवाल बारां जिले के देवरी निवासी हैं. बताया जा रहा है कि वह छात्र जीवन से ही कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए पार्टी को मजबूत करने का काम किया है. इस बार पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के साथ ही उन्हें प्रधान पद के लिए भी सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था. हालांकि, टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. उनके इस कदम से शाहाबाद में कांग्रेस की रणनीति और प्रधान पद के लिए बन रहे सियासी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना है.
छह पंचायत समितियों में शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया
बारां जिले की छह पंचायत समितियों में पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. पहले दिन जिले की छह पंचायत समितियों में पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 19 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया, जबकि जिला परिषद सदस्य पद के लिए एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा.
टिकट की दौड़ में पीछे रह गए कई दावेदार अब निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं. शाहाबाद में वीरेंद्र अग्रवाल का निर्दलीय नामांकन इसी घटनाक्रम का अहम हिस्सा है. उनके मैदान में आने से वार्ड नंबर 14 का मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. साथ ही प्रधान पद के चुनाव को लेकर भी सियासी हलचल बढ़ गई है.