1 घंटे तक मशीन में फंसा रहा शरीर: रोटावेटर में गिरते ही थमी नाबालिग की सांसें, चीख उठा पूरा गांव
कोटपूतली-बहरोड़ के चतरपुरा में खेत की जुताई के दौरान 16 वर्षीय भूपेंद्र ट्रैक्टर से गिरकर रोटावेटर में फंस गया. पुलिस और ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला.
कोटपूतली के बहरोड़ में खेत में ट्रैक्टर से गिरने के कारण रोटावेटर की चपेट में आए 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई. हादसा सोमवार शाम को खेत में जुताई के दौरान हुआ. किशोर ट्रैक्टर पर चालक के पास बैठा था. इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर के पीछे लगे रोटावेटर में जा गिरा. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. पुलिस और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद किशोर के शव को मशीन से बाहर निकाला.
खेत में चल रही थी जुताई, तभी हुआ हादसा
मामला कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बासदयाल थाना क्षेत्र में चतरपुरा की नदी की ढाणी का है. बासदयाल थाना प्रभारी रामजीलाल के अनुसार मृतक की पहचान भूपेंद्र (16) पुत्र वीरेंद्र मीणा के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र मीणा के खेत में जुताई का काम चल रहा था. इसके लिए उन्होंने पड़ोस से एक ट्रैक्टर किराए पर मंगवाया था. ट्रैक्टर के पीछे रोटावेटर लगाकर खेत की जुताई की जा रही थी. इसी दौरान यह हादसा हो गया.
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स्कूल से लौटने के बाद खेत पर पहुंचा था भूपेंद्र
जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र सोमवार शाम करीब 4 बजे स्कूल से घर लौटा था. इसके बाद वह जुताई के काम में मदद करने के लिए घर से करीब 50 मीटर दूर खेत पर पहुंच गया. कुछ देर बाद वह ट्रैक्टर पर चालक के पास जाकर बैठ गया.
इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर व रोटावेटर के बीच जा गिरा. भूपेंद्र को गिरते देख आसपास मौजूद लोग चिल्लाने लगे. ट्रैक्टर चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर वाहन रोक दिया, लेकिन तब तक किशोर रोटावेटर की चपेट में आ चुका था. उसका शरीर मशीन में बुरी तरह फंस गया था.
एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव
हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस और गांव के लोगों ने मिलकर किशोर को बाहर निकालने का प्रयास किया. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को मशीन से बाहर निकाला जा सका. पुलिस ने शव को नारायणपुर अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया है. थाना प्रभारी के अनुसार, सुबह परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था भूपेंद्र
भूपेंद्र के पिता वीरेंद्र मीणा ने बताया कि उनका बेटा ढाणी से करीब एक किलोमीटर दूर गोवर्धन का बास स्थित सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था. परिवार में उसके दो भाई और एक बहन हैं. वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था. हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है.
Reporter- Amit Yadav