ऐसे लोगों का मुंह काला करके गांव से निकाल देना चाहिए - कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी
कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वे बिना किसी का नाम लिए बोल रहे है, कि ऐसे लोगो का मुंह काला करके गांव से निकाल देना चाहिए, जो खुद को हिन्दू नही मानते. खराड़ी ने सवाल उठाया कि जब वे खुद को हिंदू नहीं मानते, तो क्या वे हमारी पुरानी परंपराओं को बंद कर देंगे ? उन्होंने कहा कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां हिंदू सुरक्षित रह सकता है. अगर ये देश भी नहीं रहा तो हमें किसी समुद्र में जाकर डूबना होगा या फिर ऊपर जाना पड़ेगा.
जनजाति मंत्री खराड़ी ने अपने भाषण में सीधे तौर पर किसी पार्टी का नाम नहीं लिया. लेकिन इशारों ही इशारों में उनके निशाने पर भारतीय आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता ही थे. वे पंचायतीराज चुनाव के माहौल के बीच तीन दिन पहले ओगणा में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे.
खराड़ी ने कहा कि अभी नवरात्रि गई है. इस दौरान हम सबने देवी माता की पूजा और उपासना की है. लोग सभी देवरो में गए होंगे और घर नहीं जाकर वहीं जमीन पर सोए होंगे. उन्होंने कहा कि ये सब आदिवासी समाज की विरासत है, जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी है. हम अपने पूर्वजों और माताजी की पूजा करते हैं, तो क्या ये लोग इसे बंद कर देंगे, आखिर ये लोग चाहते क्या हैं, दरअसल खराड़ी तीन दिन पहले ओगना इलाके में सभा को सम्बोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने यह बातें कही.
खराड़ी के विवादित बयान
प्रधानमंत्री का सपना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा और सिर पर छत के बिना न सोये. आप ढेर सारे बच्चे पैदा करें, प्रधानमंत्री जी आपको घर देंगे, फिर समस्या क्या है ?” खराड़ी के बयान पर काफी राजनीतिक और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आई थीं, क्योंकि खुद खराड़ी के दो पत्नियां और आठ बच्चे हैं. (जनवरी 2024, स्थान- उदयपुर)
BAP और आदिवासी युवाओं पर बयान
बाबूलाल खराड़ी ने BAP (भारत आदिवासी पार्टी) और उसके नेताओं (जैसे सांसद राजकुमार रोत) पर कई बार तीखा हमला बोल चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि BAP ने आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को गुमराह कर 'पत्थरबाज' बना दिया है और वे राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए युवाओं को भड़का रहे हैं.
आदिवासी और हिंदू पहचान को लेकर बयान
BAP नेताओं के उस दावे पर कि "आदिवासी हिंदू नहीं हैं", खराड़ी ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया किया था कि "अगर आदिवासी हिंदू नहीं हैं, तो कौन हैं ? क्या वे पुरखों की पूजा नहीं करते, मंदिर नहीं जाते ?" उनके इस बयान पर BAP नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी और उन्हें मंत्री पद छोड़कर धर्मगुरु बनने तक की नसीहत दे डाली थी.
'भील प्रदेश' की मांग का विरोध
खराड़ी ने BAP और अन्य संगठनों की अलग 'भील प्रदेश' की मांग को सिरे से खारिज किया है और इसे क्षेत्र में भ्रम फैलाने वाला कदम बताया है.
रिपोर्टर- अविनाश जगनावत
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