बाड़मेर में हजारों गायों की मौत का दावा, राजस्थान में सूखे और पेयजल संकट पर अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में सूखे, चारे और पेयजल संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने बाड़मेर में हजारों गायों की मौत के दावे की जांच, गिरदावरी जल्द पूरी कर राहत कार्य शुरू करने और केंद्र से मदद लेने की मांग की. गहलोत ने निकाय परिसीमन में कथित अनियमितताओं, मदन राठौड़ के पाकिस्तान संबंधी बयान और राहुल गांधी पर भाजपा की टिप्पणियों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंचायत चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी.
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में सूखे के हालात, चारे की बढ़ती कीमतों और पेयजल संकट को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने सूखा प्रभावित इलाकों में चारे और पानी की तत्काल व्यवस्था करने, गिरदावरी जल्द पूरी कराने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करने की मांग की. गहलोत ने बाड़मेर में हजारों गायों की मौत का दावा करते हुए सरकार से वास्तविक स्थिति का आकलन कराने की अपील भी की. इसके अलावा उन्होंने निकाय परिसीमन, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान संबंधी बयान और राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा को घेरा.
सूखा प्रभावित इलाकों में चारा-पानी की व्यवस्था की मांग
अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में सूखे के हालात गंभीर हैं और सरकार को जमीनी स्थिति का अंदाजा नहीं है. उन्होंने बाड़मेर में हजारों गायों की मौत होने का दावा करते हुए सरकार से इसकी वास्तविक स्थिति का आकलन कराने की मांग की. गहलोत ने चारे की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और कहा कि चारा 20 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने गांवों में पशुओं के लिए चारे और लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने बांधों में कम पानी होने का हवाला देते हुए आने वाले समय में पेयजल संकट बढ़ने की आशंका जताई. गहलोत ने जल्द गिरदावरी पूरी कराकर राहत कार्य शुरू करने और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से मदद लेने की भी अपील की.
निकाय परिसीमन में अनियमितताओं का आरोप
गहलोत ने निकाय परिसीमन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वार्डों की संख्या में मनमाने बदलाव करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है. उन्होंने परिसीमन में कथित अनियमितताओं और दबाव में काम करने के आरोपों की जांच कराने की मांग की.
पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए गहलोत ने भाजपा पर धनबल और कथित अनियमितताओं के जरिए चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए. उनके मुताबिक, कांग्रेस इस बार बेहतर तैयारी के साथ पंचायत चुनाव में उतरेगी. इसके लिए जिला, विधानसभा और संगठनात्मक स्तर पर कमेटियां गठित की गई हैं.
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मदन राठौड़ के बयान पर माफी की मांग
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान संबंधी बयान पर भी गहलोत ने नाराजगी जताई. उन्होंने मांग की कि राठौड़ बिना किसी किंतु-परंतु के स्पष्ट रूप से माफी मांगें. गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान का नाम आते ही लोगों में आक्रोश पैदा होता है. उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया.
राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा पर पलटवार
राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट का मोहरा बताए जाने संबंधी बयान पर गहलोत ने भाजपा को जवाब दिया. उन्होंने विपक्ष के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियों को हल्का बताया और भाजपा को उसके पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई. गहलोत ने काला धन वापस लाने, हर खाते में 15 लाख रुपये देने के वादे और लोकपाल के मुद्दे पर भी सवाल उठाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पंचायत चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी. उन्होंने दावा किया कि जनता सरकार के कामकाज और चुनावी प्रक्रिया पर नजर रख रही है तथा समय आने पर जवाब देगी.