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खुले में मांस पकाने की कीमत चुका रही मासूम: आवारा कुत्तों ने 6 साल की बच्ची के सिर की नोंचकर उखाड़ दी खाल

Alwar Dog Attack: राजस्थान के अलवर जिले के मोडिया गांव में छह साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया. बच्ची के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और सिर की खाल तक उखड़ने की जानकारी सामने आई है. अलवर में First Aid के बाद उसे सर्जरी के लिए जयपुर रेफर किया गया. परिजनों ने होटल के बाहर कुत्तों के जमावड़े पर सवाल उठाए हैं. घटना ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन, बच्चों की सुरक्षा और डॉग बाइट के बाद तत्काल इलाज की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 14, 2026, 12:39 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 01:38 PM IST
Image Credit: Rajasthan News
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राजस्थान के अलवर जिले के मोडिया गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने छह साल की बच्ची पर हमला कर दिया. हमले में बच्ची के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं. उसके सिर से बालों के साथ खाल तक उखड़ने की जानकारी सामने आई है. बच्ची की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे अलवर लेकर पहुंचे. यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सर्जरी के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया. घटना के बाद परिजनों ने इलाके में एक होटल के सामने आवारा कुत्तों के जमावड़े को लेकर सवाल उठाए हैं. इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

घर से बाहर निकली बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, घटना अलवर जिले के मोडिया गांव में श्याम गंगा के पास हुई. छह साल की बच्ची घर से बाहर निकली थी. इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया. कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोंच डाला. उसके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गई.

घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल इलाज के लिए अलवर लेकर पहुंचे. सिर और गर्दन पर गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया. बच्ची को सर्जरी के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है.

होटल के बाहर कुत्तों के जमावड़े पर सवाल

परिजनों के अनुसार, इलाके में एक होटल के सामने आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है. उन्होंने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जताई है. उनका सवाल है कि जब इलाके में कुत्तों के झुंड मौजूद रहते हैं, तो उनकी रोकथाम के लिए कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं. खुले में मांस पकाने और होटल के आसपास कुत्तों के जमा होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. लेकिन जानकारी के लिए बताते चलें कि अभी तक यह पुष्टि नहीं होती कि खुले में मांस पकाने या कुत्तों को मांस मिलने के कारण ही बच्ची पर हमला हुआ.

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डॉग बाइट की तीसरी कैटेगरी कितनी गंभीर?
डॉग बाइट की गंभीरता का आकलन चोट और संपर्क की प्रकृति के आधार पर किया जाता है. तीसरी कैटेगरी में त्वचा के पार काटने या गहरे घाव जैसी गंभीर चोटें शामिल हो सकती हैं. सिर, चेहरे और गर्दन जैसे संवेदनशील अंगों पर हमला होने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है. कुत्ते के काटने पर घाव को साबुन और बहते पानी से करीब 15 मिनट तक धोकर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए. डॉक्टर घाव की प्रकृति के अनुसार रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन देने का फैसला करते हैं. इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए.

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आवारा कुत्तों के प्रबंधन की जिम्मेदारी किसकी?

इस घटना ने स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं. आवारा कुत्तों के प्रबंधन, नसबंदी और टीकाकरण जैसे उपाय लागू नियमों के तहत किए जाने चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और संबंधित नियमों का पालन भी जरूरी है. मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 5 सालों में 18.42 लाख से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं और हर साल चार लाख से अधिक एंटी-रेबीज डोज लगाए जाने की बात कही गई है. अलवर की इस घटना में बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं और उसे सर्जरी के लिए जयपुर रेफर किया गया है. परिजनों ने होटल के सामने कुत्तों के जमावड़े पर सवाल उठाए हैं. 

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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