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Alwar News: मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के अचलपुरी गांव में पारिवारिक जमीन विवाद के बीच 38 वर्षीय कमल सिंह पुत्र किशन सिंह की कुएं में छलांग लगाने से मौत हो गई. घटना के बाद मामला गरमा गया है. मृतक के परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मालाखेड़ा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए साफ कहा है कि जब तक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे. अस्पताल के बाहर ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है.
लंबे समय से चल रहा था जमीन को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार अचलपुरी निवासी कमल सिंह का परिवार के ही जनमेजा, लालजी, नेतराम, मनीष और लोटन देवी समेत अन्य लोगों से जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था. परिजनों का कहना है कि विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और विवाद हो चुका था. खेत की बाड़ेबंदी, तारबंदी और फसल की बुवाई को लेकर भी झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आने की बात कही गई है.
तनाव के बीच कमल सिंह ने कुएं में लगाई छलांग
परिजनों के मुताबिक गुरुवार दोपहर बाद जमीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी. इसी दौरान कमल सिंह ने कुएं में छलांग लगा दी. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई. इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी प्रयास कर कमल सिंह को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने शव को मालाखेड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया.
गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन
कमल सिंह की मौत की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे. उन्होंने शव लेने से मना कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया. परिवार का आरोप है कि कमल सिंह पर जमीन छोड़ने और उसे बेचने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. परिजनों के अनुसार जमीन विवाद के कारण वह लंबे समय से परेशान था.
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
धरने पर बैठे परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि मृतक का एक भाई पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण पुलिस पर दबाव रहा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई. हालांकि, पुलिस स्तर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है.
पहले भी विवाद और मारपीट की बात
परिजनों के अनुसार कमल सिंह, उसके भाई धनपाल और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. परिवार के चाचा लालजी मीना को लेकर भी जमीन विवाद बताया जा रहा है. आरोप है कि उन्हें खेत में बुवाई और दूसरे कृषि कार्य करने से रोका जाता था और लगातार धमकियां दी जा रही थीं. परिजनों ने पहले हुए विवादों में कुछ लोगों के घायल होने और अलवर में उपचार कराने की बात भी कही है.
चार बेटियां और दो बच्चों के पिता थे कमल सिंह
कमल सिंह की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिजनों के मुताबिक मृतक के चार बेटियां और दो बच्चे हैं. परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए. परिजनों ने कहा है कि गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव उठाएंगे और अंतिम संस्कार करेंगे.