लव मैरिज करने वाले जोड़े को तंग करने वाले दरोगा को मिली सजा, ACB कोर्ट ने पहुंचाया जेल
अलवर में प्रेम विवाह करने वाले युवक को जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत मांगने वाले तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र यादव और बलवीर यादव को एसीबी कोर्ट ने चार-चार साल की जेल की सजा सुनाई है.
अलवर में प्रेम विवाह करने वाले युवक को जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. न्यायालय ने नारायणपुर के तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र यादव और उसके कथित दलाल बलवीर यादव को दोषी ठहराते हुए चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई है. दोनों को करीब छह साल पहले 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था.
प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला जनवरी 2020 का है. परिवादी कृष्ण कुमार ने एसीबी अलवर में शिकायत देकर बताया था कि उनकी मौसी के बेटे संदीप का जनवरी 2019 में अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र की एक युवती से प्रेम विवाह हुआ था. युवती उस समय स्नातक की पढ़ाई कर रही थी और अपने मायके में ही रह रही थी. संदीप झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील के रसूलपुर गांव का रहने वाला है.
शिकायत के अनुसार, 5 जनवरी 2020 को संदीप अपनी पत्नी को लेकर रसूलपुर स्थित अपने घर पहुंचा था. इसके तीन दिन बाद यानी 8 जनवरी को नारायणपुर थाने की पुलिस टीम उनके घर पहुंच गई. पुलिस दोनों को अपने साथ थाने ले आई.
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जेल भेजने की धमकी देकर मांगी एक लाख की रिश्वत
आरोप था कि थाने में तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र यादव ने संदीप को जेल भेजने की धमकी दी. इसके बाद युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराने और संदीप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई. शिकायत में बताया गया कि थानाधिकारी ने कथित तौर पर अपने दलाल बलवीर यादव के माध्यम से रिश्वत की रकम मांगी थी. इसके बाद परिवादी ने मामले की शिकायत एसीबी अलवर में कर दी.
90 हजार रुपए लेते दोनों आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया. शिकायत सही पाए जाने पर 10 जनवरी 2020 को ट्रैप कार्रवाई की गई. इस दौरान तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र यादव और बलवीर यादव को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया. दोनों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया था.
एसीबी कोर्ट ने सुनाई चार-चार साल की सजा
करीब छह साल तक चले इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एसीबी कोर्ट की न्यायाधीश अनु चौधरी ने फैसला सुनाया. न्यायालय ने तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र यादव और बलवीर यादव को दोषी मानते हुए दोनों को चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई.
गौरतलब है कि जिस समय यह रिश्वत का मामला सामने आया था, उस समय नारायणपुर अलवर जिले का हिस्सा था. वर्तमान में नारायणपुर कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अंतर्गत आता है.