ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से बैलेट पेपर तक… अलका लांबा ने रखीं कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
जयपुर में अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की. SIR और EVM पर सवाल उठाते हुए 2029 का लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की. 1 नवंबर की दिल्ली महारैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया.
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए राजस्थान के लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की. लांबा ने दावा किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने महारैली में 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 50 हजार महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग
अलका लांबा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मांग पर कोई समझौता नहीं करेगी. लांबा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की भी मांग की.
SIR प्रक्रिया का विरोध, मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप
लांबा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध करते हुए दावा किया कि इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने देशभर में 13 करोड़ से अधिक और राजस्थान में 41 लाख मतदाताओं के नाम कटने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक, जयपुर में भी करीब पांच लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं.
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कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
अलका लांबा ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं. पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ कार्रवाई. दूसरी, SIR प्रक्रिया का विरोध. तीसरी, 2029 का लोकसभा चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर से कराना. उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं के बीच EVM को लेकर विश्वास का संकट है.
अमित शाह पर प्रदर्शनकारियों पर पाबंदियां लगाने का आरोप
लांबा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में बैरिकेडिंग, मेट्रो सेवाओं और इंटरनेट को लेकर पाबंदियां लगाई गईं तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. उन्होंने आशंका जताई कि 1 नवंबर की महारैली के दौरान भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई जा सकती हैं.