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Rajasthan Crime: अजमेर की रिटायर्ड अध्यापिका को डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपए की ठगी करने वाले साइबर गिरोह पर राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मामले में फलौदी निवासी बजरंग को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने महज 5 हजार रुपए के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था. इस मामले में अब तक 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
ऐसे किया रिटायर्ड अध्यापिका को डिजिटल अरेस्ट
अजमेर में 14 नवंबर 2024 को रिटायर्ड अध्यापिका को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया. खुद को साइबर पुलिस अधिकारी बताते हुए आरोपी ने कहा कि उनके आधार कार्ड से 25 बैंक खातों में रुपए जमा हुए हैं और वह मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंस गई हैं. इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़िता को लगातार निगरानी में रखा और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों और धनराशि की जानकारी हासिल की.
डराकर खाते से ट्रांसफर करवाए 80 लाख रुपए
ठगों के डर और दबाव में आकर पीड़िता ने अपने बैंक खाते से करीब 80 लाख रुपये RTGS के जरिए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद भी ठग और रकम जमा करवाने का दबाव बनाते रहे. संदेह होने पर पीड़िता ने 30 नवंबर 2024 को शिकायत दर्ज करवाई.
डिजिटल अरेस्ट ठगी
14 नवंबर 2024 - ठगी की शुरुआत
80 लाख रुपए की - कुल ठगी
30 नवंबर 2024 - शिकायत
29 आरोपी- अब तक गिरफ्तार
जांच में बजरंग के खाते तक पहुंची ठगी की रकम
जांच में साइबर पुलिस ने CDR, व्हाट्सऐप चैट, KYC दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया. मनी ट्रेल खंगालने पर ठगी की रकम बजरंग के बैंक खाते तक पहुंचने का खुलासा हुआ. बजरंग के खाते में पीड़िता से ठगी गई रकम में से 2 लाख 10 हजार 474 रुपए पहुंचे थे.
5 हजार रुपए के बदले दिया बैंक खाता और सिम
पुलिस के मुताबिक बजरंग ने अपने परिचित संदीप को महज 5 हजार रुपए के बदले अपना केनरा बैंक खाता, ATM कार्ड और मोबाइल सिम उपलब्ध करवाया था. 26 नवंबर 2024 को खाते में पहुंची ठगी की रकम को उसी दिन ATM और UPI के जरिए निकाल लिया गया.
29 आरोपी अब तक गिरफ्तार
पुलिस अब ठगी की रकम की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही है. रकम आगे किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और इस साइबर नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इसकी जांच जारी है. इस मामले में अब तक कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
पुलिस ने आमजन से की अपील
राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, कस्टम, आयकर, ईडी या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पैसे मांगे तो तत्काल स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें. किसी भी दबाव में पैसा ट्रांसफर न करें. अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, OTP, PIN या मोबाइल SIM किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न करवाएं. साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें.