जिस जेल में थी जेलर अब वहीं बंदी बनकर पहुंची दिव्या चौधरी: महिला कैदियों से निजी फ्लैट में करवाया काम, ऐसे हुई गिरफ्तार
Ajmer Jail Case: अजमेर सेंट्रल जेल मामले में करीब दो महीने से फरार चल रही निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि उसने बिना अनुमति और जेल रिकॉर्ड में एंट्री किए दो महिला कैदियों को निजी फ्लैट में ले जाकर काम करवाया था.
Ajmer Jail Case: राजस्थान के अजमेर सेंट्रल जेल से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दो महिला कैदियों को जेल से बाहर ले जाकर निजी फ्लैट में काम करवाने के आरोप में फरार चल रही निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है. दिव्या चौधरी करीब दो महीने से फरार थी. पुलिस ने बुधवार को उसे कोटा के एक आवासीय फ्लैट से गिरफ्तारी किया.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दिव्या चौधरी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. खास बात यह है कि जिस अजमेर सेंट्रल जेल में दिव्या चौधरी जेलर के पद पर तैनात थी, अब उसी जेल में वह बंदी बनकर पहुंची है. वहीं इस मामले में आरोपी महिला प्रहरी सोनिया चौधरी की तलाश अभी जारी है.
दो महिला कैदियों को जेल से बाहर ले गई थी जेलर
डीएसपी उत्तर शिवम जोशी ने बताया कि हत्या के मामले में दोषी किरण और सना उम्रकैद की सजा काट रही हैं. 12 जुलाई 2026 को तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी दोनों महिला कैदियों को बिना कोर्ट की अनुमति और जेल रिकॉर्ड में एंट्री किए निजी गाड़ी से जेल से बाहर ले गई थी. जेलर ने दोनों महिला कैदियों से अजमेर के एआरजी सिटी स्थित निजी फ्लैट की सफाई करवाई.
निलंबन के बाद दोनों का मुख्यालय बदला
मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने दिव्या चौधरी और उसका साथ देने वाली महिला प्रहरी सोनिया चौधरी को निलंबित कर दिया था. निलंबन के बाद दिव्या चौधरी का मुख्यालय बीकानेर और महिला प्रहरी सोनिया चौधरी का मुख्यालय जोधपुर किया गया था. पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही थीं और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गई. इसके बाद 5 अगस्त 2026 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की.
साइबर सेल की मदद से मिली लोकेशन
SP हर्षवर्धन अग्रवाल के निर्देश पर ASP हिमांशु जांगिड़ और DSP शिवम जोशी के सुपरविजन में पुलिस टीम ने जांच शुरू की. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से दिव्या चौधरी की लोकेशन ट्रेस की. तकनीकी साक्ष्यों और डेटा के आधार पर पुलिस को दिव्या चौधरी के कोटा में मौजूदगी की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कोटा के एक आवासीय फ्लैट से उसे गिरफ्तार कर लिया.
गेट पर तैनात महिला कर्मचारियों को धमकाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, दिव्या चौधरी ने महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के साथ मिलकर दोनों महिला कैदियों को जेल से बाहर ले जाने की योजना बनाई थी. आरोप है कि जब मेन गेट पर तैनात महिला कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो दोनों ने उन्हें डराया-धमकाया. DSP शिवम जोशी ने बताया कि दोनों महिला कैदी सजा काट रही थीं और उन्हें निर्धारित अनुमति और प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल से बाहर ले जाया गया था. मामला सामने आने के बाद दोनों कैदियों को वापस जेल में दाखिल कराया गया और उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई.