)
Banswara news: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में ACB ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय के निर्देश पर ACB की बांसवाड़ा इकाई ने वनरक्षक भूपेश पाटीदार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी वन नाका तलवाड़ा, वन रेंज गढ़ी में तैनात था.
ACB बांसवाड़ा इकाई को एक शिकायत प्राप्त हुई कि परिवादी वन विभाग के क्षेत्र के बाहरी क्षेत्र की वन भूमि पर काफी समय से काबिज होकर कृषि कार्य करता आ रहा था. उक्त भूमि के संबंध में वन विभाग द्वारा पट्टे हेतु सत्यापन कर पत्रावली तैयार कर आगे भेजी जा रही थी.
6 हजार रुपये रिश्वत राशि मांगे
पट्टा पत्रावली को आगे बढ़ाने एवं वन पट्टा पत्रावली देने की एवज में आरोपी द्वारा रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी. इसपर रिश्वत राशि की मांग का सत्यापन कराया गया. सत्यापन के दौरान आरोपी भूपेश पाटीदार द्वारा परिवादी की पट्टा फाइल देने की एवज में बातचीत के दौरान 6 हजार रुपये रिश्वत राशि की मांग की गई. परिवादी द्वारा निवेदन करने पर आरोपी द्वारा 5 हजार रुपये रिश्वत राशि लेने पर सहमति व्यक्त की गई.
आरोपी के घर की भी तलाशी
इस मामले पर बासवाड़ा इकाई के प्रभारी रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में आज मय टीम ट्रैप की कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान आरोपी भूपेश पाटीदार को परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत राशि अपने हाथों से ग्रहण करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. आरोपी से पूछताछ तथा अग्रिम कार्रवाई जारी है. आरोपी के निवास की भी तलाशी जारी है.
पढ़ें एक और बड़ी खबर
राजसमंद ACB टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है. उदयपुर के CGST अधीक्षक सांवलराम और उनके दो दलालों को 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसी परिवादी से अधीक्षक पहले भी अलग-अलग मामलों में 65 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल चुका है.
पिता-पुत्र की 3 फर्मों के नोटिस सेटल करने के नाम पर मांग
राजसमंद के एक स्थानीय व्यवसायी (परिवादी) के पिता-पुत्र के नाम से संचालित 3 फर्मों को सीजीएसटी विभाग द्वारा शो-कॉज नोटिस जारी किए गए थे. इन्हीं नोटिसों को सेटल करने और राहत देने के एवज में सीजीएसटी अधीक्षक सांवलराम की ओर से कुल 60 लाख रुपये की रिश्वत की डिमांड की जा रही थी. बार-बार नोटिस देकर परेशान किए जाने से तंग आकर परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी में दर्ज कराई.
एएसपी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में बिछाया गया जाल शिकायत का सत्यापन करने के बाद राजसमंद एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) हिम्मत सिंह के निर्देशन में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की. एसीबी टीम ने सीजीएसटी अधीक्षक के दो दलालों को परिवादी से 25 लाख रुपये की नकदी लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. इसके बाद अधीक्षक सांवलराम की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी शिकंजे में ले लिया गया.