राफेल से F-35 और तेजस तक... जोधपुर एयरबेस पर दिखा लड़ाकू विमानों का शक्ति प्रदर्शन
Tarang Shakti 2026: राजस्थान में तरंग शक्ति-26 युद्धाभ्यास के दौरान जोधपुर समेत पश्चिमी राजस्थान का एयरस्पेस बड़े हवाई ऑपरेशन का केंद्र बना हुआ है. अभ्यास में 60 से 80 तक लड़ाकू विमानों ने अलग-अलग फोर्स पैकेज के साथ जटिल हवाई मिशनों का अभ्यास किया. राफेल, अमेरिकी F-35A, तेजस और सुखोई-30 MKI जैसे फाइटर जेट्स ने एयर कॉम्बैट और डॉगफाइट ट्रेनिंग में हिस्सा लिया. अभ्यास में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग, एयरलिफ्ट और सपोर्ट मिशन भी शामिल हैं. नाल, उतरलाई, जैसलमेर और फलोदी एयरबेस भी इस बड़े हवाई नेटवर्क का हिस्सा हैं.
Rajasthan Skies Rafale: राजस्थान में आयोजित तरंग शक्ति-26 युद्धाभ्यास के दौरान पश्चिमी राजस्थान का आसमान इन दिनों बड़े हवाई ऑपरेशन का गवाह बन रहा है. जोधपुर एयरबेस पर चल रहे इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान एक साथ जटिल हवाई मिशनों को अंजाम दे रहे हैं. अभ्यास के दौरान करीब 60 से 80 लड़ाकू विमानों को अलग-अलग फोर्स पैकेज में शामिल कर एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग कराई जा रही है.
राफेल, F-35, तेजस और सुखोई की जुगलबंदी
तरंग शक्ति-26 की सबसे खास बात अलग-अलग देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की एक साथ भागीदारी है. अभ्यास में भारत और फ्रांस के राफेल, अमेरिका के F-35A, भारतीय वायुसेना के तेजस और सुखोई-30 MKI जैसे फाइटर जेट्स शामिल हैं. इन विमानों के जरिए अलग-अलग परिस्थितियों में हवाई युद्ध और मिशन ऑपरेशन की ट्रेनिंग की जा रही है.
अभ्यास के एक चरण में वन-ऑन-वन और टू-ऑन-वन डॉगफाइट जैसी परिस्थितियों में एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग भी की गई. वहीं, लार्ज फोर्स एम्प्लॉयमेंट के तहत बड़े फोर्स पैकेज तैयार कर हवाई हमले को रोकने और अपने लड़ाकू विमानों को सुरक्षित लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए एयर डिफेंस कवच तैयार करने का अभ्यास किया गया.
हवा में ईंधन भरने से लेकर एयरलिफ्ट तक
यह युद्धाभ्यास केवल फाइटर जेट्स की लड़ाई तक सीमित नहीं है. इसमें एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग, एयरलिफ्ट और दूसरे सपोर्ट मिशन भी शामिल किए गए हैं. इसका उद्देश्य बड़े हवाई अभियान के दौरान अलग-अलग विमानों, तकनीकों और वायुसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है.
अभ्यास का दायरा जोधपुर तक सीमित नहीं है. नाल, उतरलाई, जैसलमेर और फलोदी एयरबेस भी इस बड़े ऑपरेशनल नेटवर्क का हिस्सा हैं. इससे पश्चिमी राजस्थान का एयरस्पेस एक व्यापक बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास क्षेत्र में बदल गया है.
अमेरिका के 6 F-35A भी शामिल
अमेरिकी पैसिफिक एयर फोर्सेज की ओर से 6 F-35A लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और एक KC-135R स्ट्रैटोटैंकर भी तरंग शक्ति-26 में शामिल हैं. छह F-35A जापान के मिसावा एयर बेस की 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन से और KC-135R जापान के काडेना एयर बेस की 909वीं एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन से आया है.
अभ्यास के जरिए भारत, अमेरिका और अन्य भाग लेने वाले देशों की वायुसेनाएं संयुक्त अभियानों की कार्यप्रणाली और एक-दूसरे की रणनीतियों को समझने का अवसर हासिल कर रही हैं.