Railways jiribam Imphal railway: इंफाल तक पहुंचने वाली रेल लाइन आने वाले समय में कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ेगी. 111 किमी लंबे रेल रूट पर टनल और पुलों का जाल है.
बस थोड़ा-सा इंतजार और फिर आप मणिपुर की राजधानी इंफाल तक सीधे ट्रेन से सफर कर सकेंगे. 22000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे जिरीबाम इंफाल नई रेलवे लाइन तैयार कर रहा है.
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11 स्टेशन
111 किमी लंबे रेल रूट पर करीब 11 रेलवे स्टेशन बनेंगे. जिरीबाम, वांगाइचुंगपाओ, कंबिरोन हॉल्ट, थिंगौ, खोंगसांग, आवांगखुल, नोनी, तुपुल, हाओचोंग रोड हॉल्ट और इंफाल जैसे नाम शामिल हैं. जून 2029 तक ये परियोजना पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद इंफाल रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा.
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66.47 किमी लंबी सुरंग
इस 111 किमी के लंबे रेल रूट पर कुल 54 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिसकी कुल लंबाई करीब 66.47 किलोमीटर होगी. पहाड़ों को काटकर रेल कनेक्टिविटी तैयार किया जा रहा है.
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कुतुब मीनार से ऊंचा पुल
वहीं सबसे ऊंचे ब्रिज की ऊंचाई 141 मीटर की है, जबकि कुतुब मिनार की ऊंचाई 73 मीटर की है. नोनी जिले में बन रहे पुल संख्या 164 की ऊंचाई 141 मीटर होगी. निर्माण पूरा होने के बाद यह दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पियर के तौर पर जाना जाएगा.
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भारत की सबसे लंबी टनल
सफर के दौरान एक बार आपकी ट्रेन करीब 11.55 किमी तक टनल में ही सुरंग करेगी. इस रूट पर टनल नंबर 12 की कुल लंबाई 11.55 किमी की है. इसके तैयार होने के बाद यह भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग होगी. जम्मू कश्मीर की बनिहाल काजीगुंड रेल लाइन पर बनी पीर पंजाल सुरंग को ये पीछे छोड़ देगी.
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131 पुल और 12 KM लंबी सुरंग
जिरीबाम इंफाल नई रेलवे लाइन पर रेल सेवा शुरू होने के बाद आपकी ट्रेन सफर के दौरान 131 बार पुल से होकर गुजरेगी, 53 बार ट्रेन सुरंगों से होकर गुजरेगी .
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टूटेंगे कई रिकॉर्ड
111 किमी लंबी इस रेल लाइन पर साल 2029 से ट्रेनें दौड़ने लगेगी. इस रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद भारतीय रेलवे कई बड़े रिकॉर्ड को तोड़ देगा. पहाड़ी और बेहद कठिन इलाके में बन रही इस रेल लाइन में इंजीनियरिंग के कई बड़े रिकॉर्ड टूटेंगे. इस रूट पर देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग तैयार हो रही है. दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पियर बनाया जा रहा है.