शादी-बच्चे से पहले ये जरूरी काम करेंगे बाबा बागेश्वर, ZEE NEWS के इंटरव्यू में खोले कई राज
बाबा बागेश्वर के नाम मशहूर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री से ZEE NEWS के मैनेजिंग एडिटर राहुल सिन्हा ने शादी, बच्चों, क्रिकेट, राजनीति और सोशल मीडिया से जुड़े कई दिलचस्प सवाल पूछे. जानिए धीरेंद्र शास्त्री ने क्या जवाब दिया.
दूसरों की पर्ची निकालकर उनके मन की बात और परेशानियों का हल बताने वाले बागेश्वर बाबा से जब उनकी ही जिंदगी की पर्ची पूछी गई तो उनका अंदाज और जवाब दोनों ही कमाल के रहे. बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और मशहूर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में ZEE NEWS के मैनेजिंग एडिटर राहुल सिन्हा से खास बातचीत की. इसमें धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि उनकी शादी कब होगी, कितने बच्चे होंगे, पसंदीदा क्रिकेटर कौन है और अगर कभी राजनीतिक पार्टी बनाई तो उसका चुनाव चिह्न क्या होगा? यहां पढ़िए धीरेंद्र शास्त्री का पूरा इंटरव्यू.
राहुल सिन्हा: धीरेंद्र शास्त्रीजी की शादी कब होगी? साल 2026, 2027, 2028 या 2029 में?
धीरेंद्र शास्त्री: यह कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है. (हंसते हुए) ये हमारा मसला है भाई. हम इसे जल्दी करेंगे. लेकिन सबसे पहले हम साल 2027 में अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. ये तो पक्का है. इसकी पुष्टि हो चुकी है. बाकी सब इसके बाद करेंगे.
राहुल सिन्हा: धीरेंद्र शास्त्री जी के कितने बच्चे होंगे? क्योंकि आपने कहा था कि हर सनातनी के चार बच्चे होने चाहिए.
धीरेंद्र शास्त्री: हां, लेकिन तब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून न आ जाए. आप चिंता न करें. पहले शादी तो हो जाने दीजिए. अभी शादी तय हुई नहीं है और बच्चे करवा रहे हैं. ये तो वही बात हो गई कि मंदिर बना नहीं है और दर्शनार्थी आ गए.
राहुल सिन्हा: कौन सा हिंदू शासक अधिक शक्तिशाली था? महारानी लक्ष्मीबाई, छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप या पृथ्वीराज?
धीरेंद्र शास्त्री: आपके इस सवाल ने तो मेरे लिए दुविधा पैदा कर दी है क्योंकि ये चारों शासक ऐसे थे जिनके सामने किसी का भी टिकना मुश्किल था. महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को नाको चने चबवा दिए थे. छत्रपति शिवाजी महाराज के भाला और तलवार ने विरोधियों, विधर्मियों और देशद्रोहियों को खदेड़ कर रख दिया था.
महाराणा प्रताप का तो क्या ही कहना, वे तो वीर थे ही, उनके तो घोड़े चेतक ने भी युद्ध के मैदान में अद्भुत वीरता दिखाई. पृथ्वी राज चौहान भी कम थोड़े ही थे. जिन्होंने नेत्र बंद होने के बाद भी क्या गजब निशाना लगाया था. इसलिए हमें दुविधा में मत डालिए. ये चारों परम शक्तिशाली शासक थे. यदि ये चार शासक न होते तो हिन्दू भी न होते.
राहुल सिन्हा: कौन मुगल शासक महान था? बाबर, अकबर, शाहजहां या औरंगज़ेब?
धीरेंद्र शास्त्री: इसमें A, B, C, D तो हो गया इसके आगे E (अगला विकल्प) भी आना चाहिए, जिसमें नाम हो रघुवर (प्रभु श्रीराम).
राहुल सिन्हा: आपका पसंदीदा क्रिकेटर कौन है? सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी या वैभव सूर्यवंशी.
धीरेंद्र शास्त्री: मेरे जीवन में ऐसा कोई एक स्थायी व्यक्ति नहीं रहा क्योंकि मैं खुद एक क्रिकेटर हूं. फिर भी महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कह सकता हूं कि मुझे उनकी आध्यात्मिकता बहुत पसंद आती है. मैं उन्हें पसंद करता हूं क्योंकि वह बहुत अद्भुत व्यक्ति है और उन्हें कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है.
राहुल सिन्हा: अगर धीरेंद्र शास्त्री जी की पार्टी बनी तो चुनाव चिह्न क्या होगा? गदा, पर्ची, भगवा ध्वज या कॉकरोच.
धीरेंद्र शास्त्री: पहली बात तो पार्टी बननी ही नहीं है तो चुनाव चिह्न होना ही नहीं है.
राहुल सिन्हा: सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम आप किस App को देते हैं? इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब या एक्स.
धीरेंद्र शास्त्री: इंस्टाग्राम और एक्स.
राहुल सिन्हा: जेब में आप क्या रखना चाहते हैं? माला, भाला, मोबाइल या पर्ची.
धीरेंद्र शास्त्री: जेब में तो माला ही रखेंगे, हम सनातनी हैं.
राहुल सिन्हा: अगर आप कथावाचक नहीं होते तो क्या होते? क्रिकेटर, राजनेता, इन्फ्लूएंसर या एक्टर.
धीरेंद्र शास्त्री: अगर मैं कथावाचक न होता तो बहुत बड़ा फकीर होता, फक्कड़ साधु होता. हमारे अंदर जो विचारधारा रहती वो फक्कड़पन की होती. हम बहुत बड़े फक्कड़ होते और किसी कंदरा-गुफा में बैठकर ध्यान कर रहे होते.