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NEET UG 2026: MBBS सीटें बढ़ीं तो क्या अब कम होगी कटऑफ? किस राज्य को कितना फायदा, यहां समझें ABCD

NEET UG 2026 में MBBS सीटों में बड़ा इजाफा हुआ है. जानें कुल सीटें कितनी हैं, सरकारी-प्राइवेट कॉलेजों में कितना अंतर है, किस राज्य को फायदा हुआ, कटऑफ पर क्या असर पड़ेगा और MCC काउंसलिंग में चॉइस फिलिंग कैसे करें.

Written By Shivam Tiwari
Published: Sep 15, 2026, 10:17 AM IST | Updated: Sep 15, 2026, 04:04 PM IST
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नीट यूजी 2026 के बाद मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पाने की दौड़ में शामिल छात्रों के लिए सीट मैट्रिक्स सबसे अहम दस्तावेजों में से एक है. इस बार मेडिकल शिक्षा में सीटों का दायरा बढ़ा है और करीब 9,911 नई MBBS सीटें जुड़ने की जानकारी सामने आई है. शुरुआती मैट्रिक्स के मुताबिक कुल MBBS सीटों की संख्या करीब 1.36 लाख तक पहुंची थी.

हालांकि, सीटों की संख्या बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर छात्र को आसानी से सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा. सीट किस राज्य में है, वह सरकारी है या निजी, AIQ में आती है या राज्य कोटे में और कॉलेज की मांग कितनी है, इन सभी बातों से एडमिशन का गणित तय होगा. NMC ने 2026-27 की MBBS सीट मैट्रिक्स जारी की है और MCC की वेबसाइट पर काउंसलिंग से जुड़े अपडेट भी जारी हैं.

कितनी बढ़ीं MBBS सीटें?

2026-27 के लिए उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों में करीब 9,911 नई MBBS सीटें जोड़े जाने की बात सामने आई है. इन सीटों के जुड़ने के पीछे नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी और कुछ मौजूदा कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की अनुमति प्रमुख वजह है. NMC मेडिकल शिक्षा और मेडिकल संस्थानों में सीटों की मान्यता से जुड़ी नियामक संस्था है. NMC ने 14 जुलाई 2026 को 2026-27 के लिए MBBS सीट मैट्रिक्स जारी की थी और बाद में सितंबर में इसका अपडेट भी प्रकाशित किया. इसलिए उम्मीदवारों को पुरानी सीट सूची के बजाय अपने काउंसलिंग राउंड की ताजा मैट्रिक्स देखनी चाहिए.

श्रेणीमेडिकल कॉलेजों की संख्याMBBS सीटें (लगभग)
सरकारी मेडिकल कॉलेज44161,900
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज38275,039
कुल8231,36,939

 

कुल कितनी सीटें हुईं?

दिए गए सीट मैट्रिक्स के अनुसार 2026-27 में MBBS की कुल सीटें करीब 1,36,939 बताई गई थीं. इसमें सरकारी और निजी दोनों मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. शुरुआती विवरण के अनुसार करीब 823 मेडिकल कॉलेजों में ये सीटें थीं. हालांकि सीट मैट्रिक्स एक स्थिर आंकड़ा नहीं है. नए कॉलेज, सीट वृद्धि, मान्यता, अपग्रेडेशन या किसी कॉलेज में सीट हटने के कारण काउंसलिंग के अलग-अलग राउंड में सीटों की संख्या बदल सकती है. NMC की वेबसाइट पर 26 अगस्त 2026 तक वैध डेटा और 1 सितंबर 2026 की अलग अपडेटेड मैट्रिक्स भी उपलब्ध है. इसलिए उम्मीदवारों को किसी पुराने आर्टिकल की संख्या पर निर्भर रहने के बजाय NMC और MCC की ताजा सूची देखनी चाहिए.

सरकारी और प्राइवेट में कितना अंतर?

उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक करीब 61,900 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों और लगभग 75,039 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में बताई गई थीं. यानी संख्या के लिहाज से निजी कॉलेजों की सीटें ज्यादा हैं. लेकिन दोनों तरह के कॉलेजों में एडमिशन का खर्च, सीट का कोटा, कटऑफ और काउंसलिंग प्रक्रिया अलग हो सकती है. सरकारी कॉलेजों की फीस आमतौर पर निजी संस्थानों की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए सरकारी MBBS सीटों के लिए मुकाबला ज्यादा कड़ा रहता है. सिर्फ कुल सीट देखकर यह मान लेना ठीक नहीं कि सभी छात्रों के लिए समान अवसर बन गए हैं. असली तस्वीर राज्य, कैटेगरी, कोटा और कॉलेज के हिसाब से सामने आती है.

Central University MBBS Seats 2026

S.No.StateCollege NameQuotaEWSOBCSCSTGEN
PwD
EWS
PwD
OBC
PwD
SC
PwD
ST
PwD
Total
Seats
1Delhi
(NCT)
Atal Bihari Vajpayee Institute of Medical Sciences & Dr. RML Hospital, New DelhiIP University Quota8211360110082
2Delhi
(NCT)
Lady Hardinge Medical College, New DelhiDelhi University Quota1645261201311105
3Delhi
(NCT)
Lady Hardinge Medical College, New DelhiCW (DU) Quota1311000006
4Delhi
(NCT)
Maulana Azad Medical College, New DelhiDelhi University Quota03029140031198
5Delhi
(NCT)
Maulana Azad Medical College, New DelhiCW (DU) Quota0311000005
6Delhi
(NCT)
University College of Medical Sciences, Dilshad GardenDelhi University Quota93520100021178
7Delhi
(NCT)
University College of Medical Sciences, Dilshad GardenCW (DU) Quota0210000005
8Delhi
(NCT)
Vardhman Mahavir Medical College & Safdarjung HospitalIP University Quota123318100022181
9Delhi
(NCT)
Vardhman Mahavir Medical College & Safdarjung HospitalCW (IP) Quota1210000006
10Uttar
Pradesh
Institute of Medical Sciences, BHU, VaranasiOpen Seat Quota9251480121060
11Uttar
Pradesh
Jawaharlal Nehru Medical College, AMU, AligarhAMU Quota00000000073
12Uttar
Pradesh
Jawaharlal Nehru Medical College, AMU, AligarhOpen Seat Quota00000000072
Category-wise Total5521013575041374512

किस राज्य को सबसे ज्यादा फायदा?

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशRenewed Seatsबढ़ी हुई सीटेंकुल MBBS सीटें
अरुणाचल प्रदेश100—100
मिजोरम100—100
नागालैंड100—100
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह114—114
दादरा और नगर हवेली177—177
चंडीगढ़15050200
सिक्किम100100200
गोवा20050250
मेघालय250—250
त्रिपुरा45050500
मणिपुर52525550
हिमाचल प्रदेश870—871
दिल्ली1,415—1,415
उत्तराखंड1,3251501,475
झारखंड1,1303701,500
जम्मू और कश्मीर1,5751001,675
पुडुचेरी1,6301501,780
पंजाब1,800501,850
असम1,875—1,875
छत्तीसगढ़2,3005452,925
ओडिशा2,900502,950
हरियाणा2,7102502,960
बिहार3,4207404,160
केरल5,4542505,704
मध्य प्रदेश5,6004206,020
पश्चिम बंगाल6,3758257,200
आंध्र प्रदेश6,0901,3757,465
गुजरात7,5502007,750

 

सीट बढ़ोतरी सभी राज्यों में एक जैसी नहीं रही. दिए गए आंकड़ों में गुजरात में कुल करीब 7,750, आंध्र प्रदेश में 7,465, पश्चिम बंगाल में 7,200, मध्य प्रदेश में 6,020, केरल में 5,704 और बिहार में 4,160 MBBS सीटें बताई गई हैं. सीट बढ़ने के मामले में पश्चिम बंगाल में 825, बिहार में 740, छत्तीसगढ़ में 545, मध्य प्रदेश में 420 और आंध्र प्रदेश में 375 सीटों की बढ़ोतरी बताई गई है. इसका फायदा स्थानीय छात्रों को राज्य कोटे के जरिए मिल सकता है, लेकिन यह फायदा अपने आप सीट मिलने की गारंटी नहीं है. राज्य की मेरिट और लागू आरक्षण नियम भी उतने ही महत्वपूर्ण रहेंगे.

UP में कितनी MBBS सीटें?

उत्तर प्रदेश उन राज्यों में है जहां मेडिकल शिक्षा का बड़ा नेटवर्क है. दिए गए राज्यवार डेटा में उत्तर प्रदेश का नाम सबसे ज्यादा सीट वाले राज्यों में शामिल है, हालांकि आपके उपलब्ध इनपुट की राज्यवार तालिका में UP का कुल सीट आंकड़ा नहीं दिया गया है. इसलिए यहां कोई अनुमानित संख्या देना सही नहीं होगा. उम्मीदवारों को NMC की कॉलेज-वार सीट मैट्रिक्स में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत सीट देखनी चाहिए. NMC की आधिकारिक College and Course Search में राज्य और कॉलेज के हिसाब से MBBS सीटें देखी जा सकती हैं. इससे उम्मीदवार को यह समझने में आसानी होगी कि कौन-सी सीट किस कॉलेज और किस प्रबंधन के तहत उपलब्ध है.

कहां कितनी सीटें बढ़ीं?

राज्यवार तस्वीर देखें तो गुजरात में 200, आंध्र प्रदेश में 375, पश्चिम बंगाल में 825, मध्य प्रदेश में 420, बिहार में 740 और छत्तीसगढ़ में 545 सीट बढ़ने का आंकड़ा दिया गया है. इसके अलावा झारखंड में 370, हरियाणा में 250, केरल में 250, उत्तराखंड में 150, जम्मू-कश्मीर में 100 और ओडिशा में 50 सीट बढ़ने की जानकारी है. छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी कुछ जगह नई सीटें या सीट वृद्धि हुई है. लेकिन यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि 'सीट बढ़ी' और 'किसी छात्र के लिए उपलब्ध सीट' एक ही बात नहीं है. सीट का कोटा और पात्रता भी देखनी होगी.

क्या कम होगा NEET कटऑफ?

सीट बढ़ने से कटऑफ पर नीचे की ओर दबाव पड़ सकता है, लेकिन यह तय नहीं है कि हर कॉलेज और हर कैटेगरी में कटऑफ कम होगी. अगर उपलब्ध सीटें बढ़ती हैं और उम्मीदवारों की संख्या लगभग उसी अनुपात में रहती है, तो कुछ कॉलेजों और राउंड में क्लोजिंग रैंक आगे जा सकती है. लेकिन टॉप सरकारी कॉलेजों में मुकाबला फिर भी बहुत कड़ा रह सकता है. किसी साल की कटऑफ सिर्फ सीटों से तय नहीं होती. उम्मीदवारों की संख्या, NEET स्कोर, पेपर का स्तर, पसंदीदा कॉलेज, राज्य कोटा और कैटेगरी जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं. इसलिए सीट बढ़ने को कटऑफ में बड़ी गिरावट की गारंटी समझना गलत होगा.

टॉप कॉलेजों पर क्या असर?

नई सीटों का सबसे बड़ा असर उन कॉलेजों में दिख सकता है जहां नई सीटें जोड़ी गई हैं या जहां intake बढ़ा है. लेकिन देश के सबसे लोकप्रिय मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित होने के कारण वहां competition कम होना जरूरी नहीं है. उदाहरण के लिए BHU, AMU और दिल्ली के प्रमुख केंद्रीय संस्थानों की सीटों के लिए अलग-अलग quota और category नियम लागू होते हैं. उपलब्ध मैट्रिक्स में BHU के Institute of Medical Sciences के लिए Open Seat Quota की सीटें भी शामिल हैं. इसलिए टॉप कॉलेज के लिए सिर्फ NEET score देखना पर्याप्त नहीं है. उम्मीदवार को कॉलेज, quota, category और पिछले राउंड की closing rank को साथ देखकर विकल्प बनाना चाहिए.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

सीट बढ़ने का फायदा सबसे पहले उन उम्मीदवारों को मिल सकता है जो सरकारी कॉलेज की सीमा के आसपास स्कोर कर रहे हैं और जिनके लिए पहले विकल्प कम थे. नई सीटें आने से उन्हें नए कॉलेजों और कुछ राज्यों में अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं. ग्रामीण और टियर-2 शहरों के छात्रों के लिए भी मेडिकल शिक्षा तक पहुंच बढ़ने की संभावना है. हालांकि इसका फायदा तभी मिलेगा जब उम्मीदवार अपनी choice filling समझदारी से करे. केवल बड़े नाम वाले कॉलेज भरने के बजाय अपनी rank, category, domicile, फीस और पिछले admission trends को देखकर विकल्पों की लंबी सूची बनाना ज्यादा सुरक्षित तरीका है.

MCC काउंसलिंग में क्या होगा?

NEET UG में qualifying candidates को मेडिकल सीट देने के लिए काउंसलिंग होती है. MCC मुख्य रूप से 15% All India Quota समेत केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य निर्धारित संस्थानों की UG मेडिकल काउंसलिंग संभालता है. बाकी राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी जिम्मेदार होती है. प्रक्रिया में registration, choice filling, seat allotment और allotted college में reporting जैसे चरण होते हैं. 2026 की MCC काउंसलिंग में Round 1 के बाद Round 2 के परिणाम और नई सीटों से जुड़े अपडेट भी जारी किए जा चुके हैं. MCC की वेबसाइट पर Round 2 की नई जोड़ी गई सीटों की अलग सूची भी उपलब्ध है.

चॉइस फिलिंग में क्या बदलें?

सीटें बढ़ने के बाद choice filling में सबसे बड़ी गलती यह होगी कि उम्मीदवार सिर्फ कुछ टॉप कॉलेज भरकर रुक जाए. पहले अपनी rank और category के हिसाब से realistic colleges की सूची बनाएं. उसके बाद सरकारी और निजी कॉलेजों को फीस और पसंद के आधार पर क्रम दें. जिस कॉलेज में सीट नई जोड़ी गई है, उसे भी विकल्प में शामिल किया जा सकता है, लेकिन सिर्फ सीट बढ़ने के कारण उसे बिना जानकारी के ऊपर रखना सही नहीं होगा. MCC की वेबसाइट पर उपलब्ध seat matrix देखकर हर कॉलेज की सीट, quota और course की जानकारी जांचें. Choice filling को जल्दबाजी में नहीं, बल्कि rank और उपलब्ध सीटों के हिसाब से रणनीति बनाकर पूरा करना चाहिए.

सीट मैट्रिक्स कैसे चेक करें?

उम्मीदवार सबसे पहले NMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर MBBS के लिए College and Course Search देख सकते हैं. वहां कॉलेज और राज्य के आधार पर सीटों की जानकारी उपलब्ध है. काउंसलिंग के लिए MCC की वेबसाइट पर UG Counselling 2026 सेक्शन में जाएं. वहां Seat Matrix, participating institutes, counselling schedule और allotment से जुड़े दस्तावेज मिलते हैं. MCC ने 2026 के लिए Candidate User Guide भी जारी किया है. ध्यान रखें कि Round 1, Round 2 और आगे के राउंड में सीटों की स्थिति बदल सकती है. इसलिए choice filling करते समय हमेशा उसी राउंड की latest seat matrix को आधार बनाएं.

आखिर कटऑफ का पूरा गणित क्या है?

सीधी बात यह है कि 9,911 नई सीटें बढ़ना NEET उम्मीदवारों के लिए सकारात्मक खबर है, लेकिन इससे हर छात्र के लिए सरकारी MBBS सीट आसान नहीं हो जाती. कुल सीटों में बढ़ोतरी से कुछ कॉलेजों और राज्यों में closing rank नीचे जा सकती है, लेकिन टॉप संस्थानों में competition बना रह सकता है. संविधान और कानून के तहत मेडिकल एडमिशन में आरक्षण और समान अवसर से जुड़े प्रावधान लागू होते हैं, जबकि अलग-अलग कोटा और आरक्षण की व्यावहारिक व्यवस्था संबंधित केंद्रीय और राज्य नियमों के अनुसार चलती है. इसलिए उम्मीदवार को अपनी category, domicile और quota के नियम जरूर देखने चाहिए. अंत में सबसे महत्वपूर्ण चीज है ताजा seat matrix + अपनी rank + सही choice filling. यही तीन चीजें इस साल MBBS सीट पाने की संभावना को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगी. NMC और MCC के आधिकारिक अपडेट को ही अंतिम आधार मानना सबसे सुरक्षित है.

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About the Author

शिवम तिवारी, जी न्यूज में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं और पत्रकारिता में करीब 2 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं. यूपी के प्रयागराज के रहने वाले शिवम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है. खबरों की नब्ज पकड़कर उन्हें आसान और साफ भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. शिवम शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर खास फोकस रखते हैं. इनमें स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं, सरकारी नौकरियां, रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स, करेंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसे टॉपिक्स शामिल हैं.इसके अलावा शिवम, टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स और करियर काउंसलर्स की सलाह के आधार पर कंटेंट तैयार करते हैं. ये IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT और CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर गहराई से काम करते हैं और छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. शिवम तिवारीर से संपर्क करने के लिए आप उन्हें shivam.tiwari@india.com पर ईमेल कर सकते हैं.
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