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  • /तिरुमाला नवरात्रि ब्रह्रोत्सव: गरुड़ पर सवार हुए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी, लक्ष्मी हार-मकरकंठी से सजा दिव्य स्वरूप; दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

तिरुमाला नवरात्रि ब्रह्रोत्सव: गरुड़ पर सवार हुए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी, लक्ष्मी हार-मकरकंठी से सजा दिव्य स्वरूप; दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी यानी तिरुपति बालाजी के धाम में दिव्य नवरात्रि ब्रह्रोत्सव चल रहा है. ज़ी मीडिया अपनी विशेष कवरेज में भूलोक में भगवान की मौजूदगी की कथाओं और परंपराओं के बारे में आपको जानकारी दे रहा है. इस कड़ी में आज भगवान के दिव्य अभिषेक के बारे में आपको बताते हैं.

Written ByShwetank Ratnamber
Published: Oct 17, 2026, 03:33 PM IST|Updated: Oct 17, 2026, 05:18 PM IST
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तिरुमाला नवरात्रि ब्रह्रोत्सव: गरुड़ पर सवार हुए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी, लक्ष्मी हार-मकरकंठी से सजा दिव्य स्वरूप; दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
Image Credit: भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के धाम में दिव्य नवरात्रि ब्रह्रोत्सव चल रहा है.

About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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तिरुमाला की पहाड़ियों में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के धाम में उनकी शक्ति को हर पल महसूस किया जा सकता है. तिरुमाला को भूलोक का वैकुंठ कहा जाता है. तिरुपति बालाजी के दर्शन करने देश-दुनिया से भक्त खिंचे चले आते हैं. नवरात्रि ब्रह्रोत्सव के दौरान भगवान के गरुण दर्शन की महिमा निराली है. 

वेंकटेश्वर स्वामी कुछ विशेष मौकों पर गरुण पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. एक ऐसा ही एक शुभ अवसर पर स्वामी की मूल मूर्ति पर हमेशा की तरह दिव्य आभूषणों और रत्नों की सजावट के साथ विशेष अलंकरण किया गया है. भगवान और उनके प्रमुख सेवक गरुड़ के जिस मंगल स्वरूप के दर्शन के लिए लोग खड़े हैं, उनकी छटा भी निराली नजर आई.

भगवान का दिव्य अलंकरण

शनिवार का दिन बहुत खास रहा. इस मौके पर भगवान को लक्ष्मी हार और मकर कंठी धारण कराया गया. पुराने समय के राजाओं ने जो हार और आभूषण भगवान को भेंट में अर्पित किए थे, उन्हें भगवान को पहनाया गया है. वेंकटेश्वर स्वामी का विशेष श्रंगार हुआ. भगवान के ऊपर से भक्तों की नजर नहीं हट रही थी, मानो वो अपनी आंखों में भगवान को हमेशा के लिए बसा लेना चाहते हों. 

वेंकटेश्वर स्वामी कुछ विशेष मौकों पर गरुण पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं.

श्रंगार मंडपम

भगवान के आभूषण श्रंगार मंडप पर लाए गए. इस समारोह के लिए भी टीटीडी ने विशेष तैयारी की है. जिस समय आभूषण यहां होते हैं, उस समय भगवान बिना आभूषणों के रहते हैं. 

भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को मलयप्पा स्वामी भी कहा जाता है. उनकी मूर्ति का दिव्य अलंकरण होता है. भगवान गरुड़ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने आते हैं. 

मुख्य आकर्षण

इस तरह शनिवार को भगवान वेंकटेश्वर के अवतार श्री मलयप्पा स्वामी को गरुड़ वाहन की सवारी के साथ दर्शन के लिए निकाला गया. गरुड़ सेवा तिरुपति मंदिर में आयोजित होने वाले ब्रह्मोत्सवम का एक मुख्य आकर्षण होता है. जिसमें भगवान को गरुड़ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने की परंपरा है.

 भगवान के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ (Zee Media)

गरुड़, जिन्हें भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है, उन्हें भी इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया था, और इस सेवा के दौरान भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ श्री मलयप्पा स्वामी के दिव्य दर्शन किए. लाखों श्रद्धालुओं ने गरुड़ सेवा का आनंद लेते हुए भगवान मलयप्पा स्वामी से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की.

टीटीडी के खास इंतजाम

पिछले ब्रह्रोत्सव में दो लाख से अधिक लोगों ने गरुण पर सवार भगवान के दर्शन किए थे, इस बार ये आंकड़ा ज्यादा है, इसके लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थान ने विशेष इंतजाम किए हैं. 

भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को मलयप्पा स्वामी भी कहा जाता है. उनकी मूर्ति का दिव्य अलंकरण होता है. भगवान गरुड़ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने आते हैं.

इस दौरान भक्ति संगीत और गोविंदा-गोविंदा की जयकार और मंत्रोच्चारण से वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय बन गयाा.

नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि ब्रह्रोत्सव के आयोजन में शनिवार को काफी बारिश के बावजूद,  लाखों भक्त भगवान के विशेष दर्शन के लिए पूरे भक्तिभाव से खड़े नजर आए. कुछ विशेष दिनों में ही भगवान का लक्ष्मी हार, सहस्त्रनाम हार और मकरकंठी पहनाकर अद्भुत रूप में श्रंगार किया जाता है. भगवान के इस विशेष दर्शन की इतनी महिमा है कि उनकी कृपा को पाने के लिए देश-विदेश से भक्त इस दर्शन के लिए यहां पहुंचे हैं.

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