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रसूखदार नामों का जाल, महिलाओं के रेप के आरोपों से बवाल: सामने आया सिलिकॉन वैली के 'अंधेरे कमरों' का सच!

सिलिकॉन वैली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर यौन शोषण करने वाले सौ से ज्यादा लोगों के नामों वाली एक स्प्रेडशीट का खुलासा हुआ है. इसमें जाने-माने निवेशक, कारोबारी, टेक्नोलॉजी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री की कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़े लोग शामिल हैं.

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 30, 2026, 07:39 AM IST | Updated: Sep 30, 2026, 07:51 AM IST
Image Credit: महिलाओं के व्हिस्पर नेटवर्क से हुआ बड़ा खुलासा.
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सिलिकॉन वैली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर यौन शोषण करने वाले सौ से ज्यादा लोगों के नामों वाली एक स्प्रेडशीट का खुलासा हुआ है. इसमें जाने-माने निवेशक, कारोबारी, टेक्नोलॉजी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री की कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़े लोग शामिल हैं.

लिस्ट देखने वाले कुछ अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह प्राइवेट डॉक्यूमेंट एक 'व्हिस्पर नेटवर्क' का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल सिलिकॉन वैली की महिलाएं कथित यौन उत्पीड़न के बारे में एक-दूसरे को चेतावनी देने के लिए करती हैं. खबरों के अनुसार, स्प्रेडशीट में दर्ज आरोपों में नशीली दवा देकर यौन शोषण करने से लेकर रेप तक के मामले शामिल हैं.

'उनमें से कुछ बहुत जाने-माने नाम थे'

20s की उम्र की एक टेक वर्कर ने बताया कि जब उसने पहली बार लिस्ट में नाम देखे तो वह हैरान रह गई. नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं के कॉन्टैक्ट करने के बाद उसने भी कथित यौन दुर्व्यवहार के अपने अनुभव को इसमें जोड़ा. उसने कहा, 'उनमें से कुछ बहुत जाने-माने नाम थे, आप जानते हैं? ऐसे लोग जो मशहूर निवेशक थे. ऐसे कारोबारी जो इस इंडस्ट्री में एक्टिव थे, मैंने उन्हें पहले पार्टियों में देखा था.'

महिला ने बताया कि उसे इस नेटवर्क के बारे में लोगों से पूछने पर ही पता चला. उसने 'द पोस्ट' को बताया, 'मैं कुछ ऐसी महिलाओं से मिलीं जो 'व्हिस्पर नेटवर्क' चलाती थीं, इसमें सैकड़ों मामले हैं.मुझे इसके बारे में इसलिए पता चला क्योंकि मैंने लोगों से पूछना शुरू किया था.'

खबरों के अनुसार, ये बातें प्राइवेट तौर पर फैलती हैं क्योंकि कुछ महिलाओं को डर होता है कि पुलिस के पास जाने या ताकतवर लोगों पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने से उनके करियर को नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा, 'मुझे चिंता थी कि अगर मैंने अपने मामले में न्याय पाने की कोशिश की और हार गई, तो शहर के सभी इन्वेस्टर मुझे ब्लैकलिस्ट कर देंगे.'

काम, दोस्ती और पार्टियां

सूत्रों ने कई ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जो कथित तौर पर 'हैकर हाउस' के अंदर हुईं. ये ऐसी जगहें हैं जहां युवा फाउंडर, इन्वेस्टर और टेक वर्कर साथ रहते हैं, मेल-जोल बढ़ाते हैं और प्रोफेशनल संबंध बनाते हैं. जो लोग एक ही किचन शेयर करते हैं या पार्टियों में साथ जाते हैं, वे आगे चलकर बिजनेस पार्टनर, इन्वेस्टर, सहकर्मी या भविष्य के एम्प्लॉयर से जुड़ने का जरिया भी बन सकते हैं.

सिलिकॉन वैली के एक अंदरूनी सूत्र ने एक ऐसे पैटर्न के बारे में बताया जिसमें दोस्ती का इस्तेमाल भरोसा बनाने के लिए किया जाता है, और फिर पर्सनल बाउंड्री (निजी सीमाओं) को लांघा जाता है.

अंदरूनी सूत्र का आरोप है कि कुछ पुरुष जानबूझकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं, जो अकेले या कमजोर महसूस करते हैं, जिनमें युवा महिलाएं और वे लोग शामिल हैं जो हाल ही में अमेरिका या सिलिकॉन वैली आए हैं. सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि आरोपी और पीड़ित, दोनों ही किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं होते.

Zette ऐप की फाउंडर येहोंग झू ने सैन फ्रांसिस्को के हैकर हाउस Genesis के एक पूर्व सदस्य पर रेप और मारपीट का आरोप लगाने के बाद सार्वजनिक रूप से अपने अनुभव के बारे में बताया है.

'वो आदमी भाग गया'

झू ने दिसंबर 2021 में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि वह आदमी भाग गया और उसका पता नहीं चल पाया है या उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि वह उनके साझा सोशल सर्कल के लोगों के संपर्क में बना हुआ है. उन्होंने 'द पोस्ट' को बताया, 'मैं (उसे) लगातार मना करती रही.'

झू ने कहा कि कथित रेप के बाद, एक महिला दोस्त ने इस बात पर चिंता जताई कि उनके आरोप का उस आदमी की साख पर क्या असर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने उस आदमी को घर से निकलवाने की कोशिश की, तो घर के एक ऑर्गनाइजर ने उन्हें पुलिस के पास जाने से रोका और एक कमिटी बनाकर वोटिंग करवाने का सुझाव दिया. आखिरकार झू ​​ने पुलिस और वकीलों से संपर्क किया और उस आदमी का पता लगाने के लिए उन लोगों से बात की जो उसे जानते थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया.

बेवर्ली हिल्स में फाउंडर्स की कम्युनिटी, 'लॉन्च हाउस' की एक और पूर्व सदस्य ने एक अलग अनुभव के बारे में बताया. उन्हें शक था कि एक पार्टी में उन्हें नशीली चीज दी गई थी. गुमनाम रहकर बात करने वाली इस महिला ने बताया कि उन्हें उस रात की कुछ बातें याद नहीं थीं और बाद में पता चला कि एक दोस्त ने उन्हें बिस्तर तक पहुंचाने में मदद की थी. उन्होंने 'द पोस्ट' को बताया, 'मुझे ठंड लग रही थी और साथ ही पसीना भी आ रहा था, जैसे फ्लू हो गया हो. मैं बाहर आंगन में धूप में थी, हिल भी नहीं पा रही थी.'

उन्होंने कहा कि बाद में दूसरी महिलाओं ने भी उन्हें बताया कि उसी आदमी ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था या गलत बर्ताव किया था.

महिलाओं को सताता है ये डर

महिलाएं मिलकर हाउस के फाउंडर्स के पास गईं. महिला ने कहा, 'उन्होंने तुरंत उसे हटा दिया, उसे घर से निकाल दिया गया.' उन्होंने बताया कि को-फाउंडर ब्रेट गोल्डस्टीन और एक अन्य फाउंडर ने महिलाओं से बात की, ताले बदलवाए और पुलिस से संपर्क करने में मदद की पेशकश की. आखिरकार उन्होंने घटना की रिपोर्ट न करने का फैसला किया क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि क्या हुआ था और उन्हें नहीं लगा कि वे गवाहों के जरिए इसे साबित कर पाएंगी. उन्होंने आगे कहा, 'मैं वहीं रुकी रही और घर में सुरक्षित महसूस किया.'

लेकिन उन्होंने दावा किया कि बाद में उस आदमी ने उन्हें और कंपनी को ऑनलाइन निशाना बनाया, जिसमें प्राइवेट मैसेज भी शामिल थे.
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे चिंता है कि अगर मुझे कोई ऐसी सफलता मिलती है जो सबके सामने हो, तो वह वापस आएगा और मुझे और भी बुरा महसूस कराएगा.'

गोल्डस्टीन ने 'द पोस्ट' को बताया कि लॉन्च हाउस अब उसी रूप में काम नहीं करता है. उन्होंने कहा कि इसके व्यवहार और घटना पर प्रतिक्रिया देने की नीतियां बाहरी एचआर और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मदद से बनाई गई थीं. उन्होंने कहा, 'हमने लॉन्च हाउस की व्यवहार संबंधी नीतियां और घटना पर प्रतिक्रिया देने के लिए गाइडलाइंस एक HR एग्जीक्यूटिव, एक DEI और सिक्योरिटी एक्सपर्ट की सलाह से तैयार की थीं.'

2022 में, AI रिसर्चर कीर्तना गोपालकृष्णन ने 'इफेक्टिव अल्ट्रूइज्म' के दायरे में यौन दबाव के बारे में लिखा था. उन्होंने यौन उत्पीड़न की शिकायतों में कम्युनिटी मेडिएशन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और जबरदस्ती व आपसी सहमति से होने वाले पॉलीअमरी (polyamory) के बीच साफ अंतर की वकालत की थी.

 

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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