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Explainer: भोपाल मास्टर प्लान 2031 लागू हुआ तो क्या-क्या बदल जाएगा? जानें ज़ोनिंग से लेकर प्रॉपर्टी और सड़कों की पूरी तस्वीर

भोपाल सीलिंग कार्रवाई से लेकर मास्टर प्लान-2031 का मामला अब चर्चा में आ गया है. 3 दिन में 190 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग के बाद कार्रवाई रोक दी गई. अब 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. अगर भोपाल में मास्टर प्लान 2031 लागू हो जाता है, तो यहां पर क्या-क्या बदलाव देखने को मिलेंगे. आइए जानते हैं, आपको विस्तार से बताते हैं.

Written By Manish Kushawah
Published: Sep 05, 2026, 08:45 AM IST | Updated: Sep 05, 2026, 08:54 AM IST
Image Credit: Bhopal Master Plan 2031
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राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान-2031 और सीलिंग कार्रवाई को लेकर माहौल गरम देखने को मिल रहा है. एक तरफ शहर में सीलिंग कार्रवाई से व्यापारियों से लेकर रहवासी परेशान नजर आ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ भोपाल का फ्यूचर तय करने वाले मास्टर प्लान 2031 ने भी तूल पकड़ लिया है. बता दें कि इस मामले में 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है. इससे पहले सीएम मोहन यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने कहा कि सरकार कोर्ट में भोपाल की सालों पुरानी समस्याओं पर अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा हल चाहती है, जिससे व्यापारी, स्थानीय निवासियों से लेकर प्रशासन के हित में हो सके.

यह मामला सिर्फ सीलिंग कार्रवाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भोपाल की जमीन से लेकर शहर के फ्यूचर से भी जुड़ा है. अब सीलिंग कार्रवाई और मास्टर प्लान 2031 से जुड़े मामले पर 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इसी बीच भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध के बाद नगर निगम की तरफ से कार्रवाई को रोक दिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, तीन दिन के अंदर 190 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग कार्रवाई की गई थी. लेकिन चौथे दिन यानी 3 सिंतबर को एक भी सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई. इसी बड़ी वजह यह थी कि नगर निगम, नगरीय प्रशासन से लेकर रहवासी तक अपने-अपने दस्तावेज लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. वहीं एक याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि अरेरा कॉलोनी के जिन अवैध मॉल की शिकायत की गई थी, वहां पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जबकि छोटे-छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है.

तीन दिन में 190 सीलिंग
1. 31 अगस्त को 109 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
2. 1 सितंबर को 61 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई.
3. 2 सितंबर को 20 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग हुई.
4. 3 सितंबर को पूरे शहर में कहीं भी कार्रवाई नहीं हुई.

कब जारी होगा मास्टर प्लान?
वहीं सीलिंग कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, माना कि कार्रवाई से भोपाल के व्यापारी परेशान हो रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग के सभी बड़े अधिकारी फिलहाल दिल्ली में हैं. इस मामले में बड़े-बड़े वकीलों के साथ चर्चा की जा रही है. कोई न कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे भोपाल के लोगों को कोई नुकसान ना हो. उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा चल रही है. इस पर जल्दी निर्णय लिया जा सकता है. यानि इससे स्पष्ट हो गया है कि सीलिंग कार्रवाई के साथ-साथ सरकार की निगाहें अब मास्टर प्लान पर भी हैं. सरकार की तरफ से कोशिश की जा रही है कि कानूनी स्थिति और शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाए.

मास्टर प्लान- 2031 है क्या ?
दरअसल, भोपाल मास्टर प्लान 2031 को मध्य प्रदेश सरकार ने नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत तैयार किया है. इसका मकसद यह है कि 2031 तक भोपाल के तय इलाकों में जमीन के इस्तेमाल, निर्माण से लेकर तमाम जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना है. साथ ही अलग-अलग इलाकों की जोनिंग को भी व्यवस्थित करना है. इसमें शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं. शहरी हिस्से में रिहायशी इलाके, बाजार, सड़कें, परिवहन, सार्वजनिक सुविधाएं, जल निकाय और उनके आसपास के बफर जोन शामिल हैं. वहीं ग्रामीण हिस्से में खेती, गांव और ग्रामीण आबादी के साथ शहर के विकास के लिए तय किए इलाकों को भी शामिल किया गया है.

मास्टर प्लान से क्या बदलेगा?
अगर भोपाल में मास्टर प्लान 2031 लागू होता है, तो शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे. 
1. सबसे पहले रिहायशी इलाकों की 60 फीट चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड लैंड यूज को कानूनी मान्यता
2. अंदरूनी 30 से 40 फीट की सड़कों पर रिहायशी और शांत माहौल बनाए रखने की भी व्यवस्था होगी. 
3. 8 नई सब सिटी विकसित करने के साथ साथ शहर की सीमाओं के विस्तार होगा. 
4. कलियासोत, केरवा डैम समेत बड़े तालाब के आसपास कैचमेंट एरिया में सख्त नो-कंस्ट्रक्शन जोन 
5. बिल्डरों से लेकर प्रॉपर्टी खरीदारों के लिए जमीन की जोनिंग की व्यवस्था होगी.

जमीन तय करने की व्यवस्था 
मास्टर प्लान में जमीन के इस्तेमाल में भी बदलाव हो सकता है. अभी भोपाल की बड़ी जमीन कृषि या फिर गैर निर्मित हिस्से में आते है, खासकर शहर के बाहरी इलाकों या फिर ग्रामीण क्षेत्र में मौजूद है. इसमें सड़क, आवास से लेकर बुनियादी सुविधाओं के लिए ज्यादा जमीन तय करने की व्यवस्था है. साथ ही नए जोनिंग नियम लागू करने, हरित और बफर क्षेत्रों को व्यवस्थित करने, जलग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा और बेहतर यातायात पर भी जोर रहेगा. इसके अलावा, इसमें भोज मेट्रो के लिए जरूरी ट्रांजिट नेटवर्क, नई सड़कें और सड़क चौड़ीकरण, झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास और बेहतर कनेक्टिविटी वाले इलाकों में आवास की योजना भी शामिल है.

राजधानी में देखेंगे ये बदलाव
1. नई सड़कें बनने से मेन रास्ते पर ट्रैफिक 40 फीसदी कम हो सकता है. 
2. रिहायशी, औद्योगिक और पार्क वाले इलाकों की पहचान से बिना किसी योजना के निर्माण पर लगाम
3. अवैध कॉलोनाइजेशन पर लगाम के साथ-साथ, बिजली, पानी व सड़क जैसी सुविधाओं वाले वैध प्लॉट का रास्ता 
4. झीलों और जल निकायों के आसपास बफर जोन को मजबूत करने की व्यवस्था होगी.

15 सितंबर के बाद दिशा तय
अब देखना यह होगा कि 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से क्या निकलकर आता है. सीलिंग कार्रवाई से नाराज व्यापारी से लेकर रहवासी और प्रशासन इसको आगे की दिशा तय करने वाला मान रहे हैं. याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज देकर नगर निगम की कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का मुद्दा उठाया है. इसके अलावा, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है. वहीं सीएम मोहन यादव ने भी सालों पुरानी समस्या का समाधान निकालने की बात कही है.

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About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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