मध्य प्रदेश में इस साल का विजयादशमी का त्योहार परंपरा और शक्ति की उपासना के एक अनूठे संगम के रूप में मनाया जाएगा. 20 अक्टूबर को राज्य सरकार सभी जिलों में भव्य 'शस्त्र-पूजन' समारोह आयोजित करेगी. मुख्य कार्यक्रम इंदौर में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं शस्त्रों की विधिवत पूजा करेंगे. वहीं, ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शस्त्र-पूजन समारोह में शामिल होंगे. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर जिले में सरकार द्वारा आयोजित शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, हर जिले में पुलिस लाइनों, सशस्त्र बलों के परिसरों और प्रशासनिक कार्यालयों में इन समारोहों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य हमारी सांस्कृतिक विरासत, वीरता की भावना और हमारे सुरक्षा बलों के साहस का सम्मान करना है.
राज्य के 31 जिलों में वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहेंगे. इनमें भोपाल में विश्वास सारंग, धार में कैलाश विजयवर्गीय, नरसिंहपुर में प्रहलाद सिंह पटेल, जबलपुर में राकेश सिंह, सीहोर में करण सिंह वर्मा और नर्मदापुरम में उदय प्रताप सिंह शामिल हैं. इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में आधिकारिक शस्त्र-पूजन का नेतृत्व करेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, और दूसरे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला रीवा जिले में इसका नेतृत्व करेंगे.
इसके अलावा जिन 24 जिलों में मंत्रियों की उपस्थिति संभव नहीं हो सकी, वहां की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई है. इन जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) मिलकर शस्त्र पूजन की प्रक्रिया पूरी करेंगे. सरकार के इस फैसले के साथ पूरे राज्य में विजयादशमी का त्योहार पारंपरिक और प्रशासनिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है.
इस बीच, राजधानी भोपाल में विजयादशमी के अवसर पर रावण के पुतले जलाने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. शहर में कई जगहों पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले खड़े किए गए हैं. इस साल, अलग-अलग कलाकारों ने अपनी कलाकारी दिखाते हुए 2 फीट से लेकर 105 फीट तक ऊंचे शानदार रावण के पुतले बनाए हैं. परंपरा के अनुसार, रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी तैयार किए गए हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजामों और भव्य आतिशबाजी की योजनाओं के साथ, शहर भर की आयोजन समितियां दशहरा मनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
बता दें कि भोपाल में इस साल के ‘रावण दहन’ को और भी भव्य बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के कुशल कारीगरों ने बहुत मेहनत की है. उन्होंने कई अलग-अलग आकारों के पुतले बनाए हैं. बच्चों को खुश करने के लिए 2 फुट ऊंचे छोटे पुतलों से लेकर, आसमान को छूने वाले 105 फुट ऊंचे विशालकाय रावण के पुतले तक.