SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

अपनों ने छोड़ा साथ, नगरपालिका ने निभाया फर्ज, बैतूल में 13 लावारिस मृतकों का कराया तर्पण

मध्य प्रदेश के बैतूल में नगरपालिका ने मानवता की मिसाल पेश की है. शहर में मिले 13 अज्ञात लोगों की मौत के बाद उनका विधि विधान के साथ तर्पण कराया. आइए इसकी पीछे की वजह के बारे में जानते हैं.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 10, 2026, 04:24 PM IST | Updated: Oct 10, 2026, 04:26 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
Join

हर नगरपालिकाओं की जिम्मेदारी जन्म-मृत्यु के रिकॉर्ड रखने की होती है. साथ ही शहर की व्यवस्थाएं संभालने में भी अहम भूमिका निभाती है. लेकिन बैतूल जिले में नगरपालिका ने इससे आगे बढ़कर एक मानवता की मिसाल पेश की है. शहर में जिन 13 लोगों की मौत के बाद उनके अपनों ने भी उनकी सुध नहीं ली, जिनके शवों पर दावा करने वाला कोई सामने नहीं आया. उन लावारिस मृतकों की आत्मा की शांति के लिए नगरपालिका ने विधि-विधान से तर्पण कराया है. बैतूल की माचना नदी के घाट पर हुई इस पहन ने समाज को एक भावुक संदेश दिया है.

दरअसल, बैतूल जिले में इंसानियत की ऐसी तस्वीर सामने आई है. जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देगी. सड़क किनारे लावारिस हालत में 13 लोग मृत मिले, जिनके न तो कोई परिजन सामने आया. न ही कोई उनकी पहचान कर सका. नगरपालिका ने इन सभी का अंतिम संस्कार कराया था, लेकिन अब पितृ पक्ष के अंतिम दिन इन मृतकों को याद करते हुए उनके नाम से तर्पण भी कराया गया.

मोक्ष की कामना की गई
नगरपालिका परिषद के अधिकारियों ने माचना नदी के घाट पर विधि-विधान के साथ तर्पण की रस्म पूरी की. इस दौरान अज्ञात मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की गई.

शवों पर किसी ने दावा नहीं किया
मिली जानकारी के मुताबिक, बीते एक साल में बैतूल नगरपालिका इलाके में 13 अज्ञात शव मिले थे. इन शवों पर किसी ने दावा नहीं किया, जिसके बाद नगरपालिका ने उनका अंतिम संस्कार कराया. अब नगरपालिका ने इन मृतकों के लिए तर्पण कर एक ऐसी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई, जो सरकारी कामकाज से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी है.

तर्पण कराने का प्रयास
नगरपालिका के सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं और पुराणों में भी अज्ञात लोगों का तर्पण करने के पुण्य का उल्लेख मिलता है. इसी भावना के साथ अब हर साल अज्ञात मृतकों का तर्पण कराने का प्रयास किया जाएगा.

अपनत्व का भाव दिखाया
उन्होंने बताया कि जिन लोगों को अंतिम विदाई देने के लिए अपना कोई सामने नहीं आया, उनके लिए बैतूल नगरपालिका ने अपनत्व का भाव दिखाया. यह पहल सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है. इंसान की पहचान भले ही दुनिया से मिट जाए, लेकिन उसके प्रति मानवता का कर्तव्य कभी खत्म नहीं होना चाहिए.
(रिपोर्टः रूपेश कुमार, बैतूल)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES