सिंहस्थ-2028 में AI पुलिसिंग: साइड फेस, टोपी-चश्मा भी नहीं बचा पाएंगे! भीड़ में संदिग्ध को मिनटों में खोज निकालेगा एप
Ujjain News: सिंहस्थ 2028 के लिए सुरक्षा को बेहतर बनाने के मकसद से उज्जैन में AI-आधारित पुलिसिंग सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है. इस सिस्टम का लक्ष्य एक ऐप का इस्तेमाल करके कम समय में भीड़ के बीच संदिग्धों, लापता लोगों या अपराधियों का पता लगाना है.
उज्जैन पुलिस सिंहस्थ 2028 के लिए कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के मकसद से AI-आधारित पुलिसिंग लागू करने जा रही है. यह देश में अपनी तरह का पहला मामला होगा, जिसमें AI ऐप के जरिए पुलिसकर्मियों की लाइव मॉनिटरिंग होगी और उनके पेट्रोलिंग का पूरा रिकॉर्ड कंट्रोल रूम में डिजिटल फुटप्रिंट के तौर पर दर्ज किया जाएगा. ₹140 करोड़ के इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में 4,000 CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं और कामकाज के लिए 10,000 वर्ग फुट में फैला एक अत्याधुनिक मेन कमांड सेंटर बनाया जा रहा है.
सिंहस्थ-2028 में AI पुलिसिंग
दरअसल, सिंहस्थ 2028 के लिए सुरक्षा इंतजाम एक AI-बेस्ड ऐप के जरिए मैनेज किए जाएंगे. इससे उज्जैन पुलिस फील्ड में तैनात कर्मचारियों पर नजर रख सकेगी. यह सिस्टम भीड़ में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लापता इंसान या अपराधी का कुछ ही मिनटों में पता लगाने में सक्षम होगा. इस सिस्टम के ट्रायल पहले ही शुरू हो चुके हैं. AI-बेस्ड ऐप पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को घटाकर कुछ ही सेकंड कर देगा.
4,000 कैमरे लगाए जाएंगे
उज्जैन में ₹140 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत 4,000 कैमरे लगाए जाएंगे. यह सिस्टम साधारण फेस रिकग्निशन से आगे बढ़कर काम करता है. अगर किसी व्यक्ति का चेहरा दिखाई न दे रहा हो या उसने चश्मा या टोपी पहनी हो, तब भी यह उसके कपड़ों के रंग और शारीरिक बनावट के आधार पर भीड़ में किसी संदिग्ध, अपराधी या लापता व्यक्ति की पहचान कर सकेगा. इसके अलावा इसमें मौजूद व्हीकल सर्च मॉड्यूल शहर भर में लगे कैमरों के नेटवर्क की मदद से भागने वाली गाड़ियों का तुरंत पता लगा लेगा.
ऐप का ट्रायल शुरू
उज्जैन के SP प्रदीप शर्मा ने बताया कि, ऐप का तकनीकी काम पूरा हो चुका है और रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान इसका ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है. अभी इसका इस्तेमाल रोजाना की फील्ड पुलिसिंग और रात की पेट्रोलिंग के लिए किया जा रहा है. इन फील्ड टेस्ट से जमीनी स्तर पर किसी भी तकनीकी समस्या या कमी का पता लगाने में मदद मिलेगी, ताकि उन्हें समय रहते ठीक किया जा सके.
सिंहस्थ में AI पुलिसिंग कैसे काम करेगी?
1. जवानों की हर मूवमेंट पर नजर- इस ऐप से हर पुलिसकर्मी की लाइव लोकेशन पता चलेगी. कौन सा जवान कहां गश्त कर रहा है, कितनी देर रुका, इसकी पूरी जानकारी कंट्रोल रूम में रहेगी.
2. भागी हुई गाड़ी को भी पकड़ लेगा - अगर कोई गाड़ी हादसा करके भाग जाती है, तो उसका नंबर या फोटो सिस्टम में डालते ही शहर के सभी CCTV कैमरे उसे ट्रैक करना शुरू कर देंगे.
3. चेहरा छिपाने पर भी पहचान लेगा - ये सिस्टम सिर्फ सामने से ही नहीं, साइड से भी चेहरा पहचान लेगा. भीड़ में भी कैमरे संदिग्ध को अलग कर लेंगे.
4. कपड़ों और हुलिए से करेगा पहचान - अगर संदिग्ध की फोटो नहीं है, तो भी टेंशन नहीं. शर्ट का रंग, टोपी या चश्मा जैसी जानकारी डालते ही सिस्टम मिलते-जुलते लोगों की लिस्ट दिखा देगा.
5. ड्यूटी भी यही तय करेगा - किस पॉइंट पर कितने जवान हैं और किसकी ड्यूटी कब है, ये सब ऐप ही बताएगा. इससे पुलिस बल का सही इस्तेमाल हो पाएगा.