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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्वाइन फ्लू (H1N1) का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है. शहर में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत की खबर से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार, मीनल इलाके के रहने वाले बुजुर्ग राम सिंह H1N1 वायरस से गंभीर रूप से बीमार थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस मौत के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल में अब तक स्वाइन फ्लू के 65 से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं. मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने और सैंपल टेस्टिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे बुखार और खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच करवाएं.
भोपाल स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन्फ्लूएंजा A (H1N1) संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले बुजुर्ग मरीज को गंभीर रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और एक्यूट रेस्पिरेटरी फेलियर हो गया था. इसके अलावा वे पहले से ही दिल की बीमारी, हाइपरटेंशन और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित थे.
सितंबर में 43 पॉजिटिव केस
भोपाल में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक तेजी आई है. आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक कुल 65 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. चिंता की बात यह है कि इनमें से 43 मामले अकेले सितंबर में सामने आए, जो संक्रमण के तेजी से फैलने का संकेत है. स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मामलों की पहचान करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अब तक 232 सैंपल की जांच की है.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकती है. बुजुर्गों और अन्य कमजोर लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है. भोपाल में लगातार पॉजिटिव मामले सामने आने और पहली मौत के बाद हेल्थकेयर सिस्टम के लिए इस संक्रमण को रोकने की चुनौती और बढ़ गई है. अगर लोगों में इसके लक्षण दिखें तो समय पर जांच करवाना और डॉक्टरी सलाह लेना बहुत जरूरी है.
स्वास्थ विभाग अलर्ट
भोपाल में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने कहा है कि, "स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. सभी प्रमुख अस्पतालों में बेड और जरूरी दवाओं का पर्याप्त इंतजाम किया गया है. मौसम बदलने के कारण इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़े हैं. लोगों से अपील की जाती है कि अगर उन्हें सर्दी, खांसी, तेज़ बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच करवाएं. गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और बुज़ुर्गों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए."