सीधी धर्मांतरण मामला: ₹1 लाख का लालच, घर से देवी-देवताओं की फोटो हटाने को कहा, मां-बेटी गिरफ्तार
सीधी जिले के धर्मांतरण मामले में मां-बेटी को गिरफ्तार किया गया है. जहां एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत कर दोनों पर धर्मांतरण के आरोप लगाए थे. पुलिस ने हिरासत में लेकर दोनों पर केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया. जहां उन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया.
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया है. इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. बता दें कि रघुनाथ प्रजापति ने 12 अक्टूबर को जमोड़ी थाना में एक शिकायत दी थी, कि नीलम दीक्षित और उसकी बेटी गीता दीक्षित के घर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर एक साल से प्रार्थना सभा में जा रहा था.
युवक ने बताया कि तभी गीता व नीलम ने कहा कि हिंदू से ईसाई धर्म से जुड़ जाओ, तो तुम्हें नौकरी मिलेगी. इतना ही नहीं, किसी व्यक्ति को लेकर आओगे, तो 1-1 लाख रुपये मिलेंगे. साथ ही तुम्हारे परिवार को फ्री शिक्षा व फ्री इलाज होगा. युवक ने बताया कि उन्होंने कहा कि घर में रखे हिंदू देवी-देवताओं की फोटो निकालकर बाहर फेंक देना है.
पुलिस ने किया केस दर्ज
युवक ने आरोप लगाया कि मां-बेटी द्वारा कुछ किताबें और 3 हजार रुपए भी दिए थे. आगे बताया कि मां-बेटी द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था. जिसके बाद फरियादी ने जमोड़ी थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने (BNS) की धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज कर बुधवार की शाम को गिरफ्तार भी कर लिया. वहीं, गुरुवार की सुबह न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया.
3 कार्यकर्ता घायल हुए
जानकारी यह भी मिली है कि धर्मांतरण की जानकारी मिलने पर वीएचपी और बंजरंग दल के कार्यकर्ता गीता दीक्षित के आवास पर पहुंचे थे. इसकी भनक गीता व नीलम दीक्षित को लगी. तो उन्होंने घर के बाहर निकलकर जमकर हंगामा किया था. इतना ही नहीं बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के साथ जमकर मारपीट भी की गई थी. इस दौरान बजरंगदल के तीन कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे.
नर्स के खिलाफ धरना
इसके बाद स्टाफ नर्स नीलम दीक्षित को निलंबित करने की मांग को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मामले में सीएमएचओ (CMHO) द्वारा जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया.
दोनों को भेजा जेल
वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पराज सिंह ने बताया कि नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण के आरोप लगे हैं. शिकायतकर्ता हरिश्चंद्र प्रजापति ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक लाख रुपए, सरकारी नौकरी और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लालच दिया गया. अधिवक्ता पुष्पराज सिंह ने बताया कि मामले में मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है. दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है. जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
क्या बोले डीएसपी?
वहीं, डीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि 12 अक्टूबर को मिली शिकायत के अनुसार, नीलम दीक्षित और गीता दीक्षित द्वारा धर्मांतरण का कार्य किया जा रहा था. इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना भी की है. विवेचना के बाद अपराध सिद्ध होने पर गीता और नीलम को गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश किया गया है. जहां से वारंट उनका तैयार कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.