फैमिली डिनर की हंसती तस्वीरें, दूसरी तरफ 'धोखे से दस्तखत' कराने के गंभीर आरोप... जानिए क्या है सिंधिया परिवार का नया कानूनी ड्रामा?
सिंधिया शाही परिवार की लगभग ₹40,000 करोड़ की संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद पर बुधवार को अदालत में बहस होनी है. प्रतिमा देवी ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनसे धोखे से हस्ताक्षर करवाए गए थे.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिंधिया शाही परिवार की ₹40,000 करोड़ की संपत्ति का बंटवारा एक बार फिर चर्चा में है. जहां यह उम्मीद की जा रही थी कि परिवार के सदस्य आपसी बातचीत से इस पुराने विवाद को सुलझा लेंगे, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. दरअसल, परिवार के बीच समझौता लगभग तय माना जा रहा था और फैमिली डिनर की हंसती-खेलती तस्वीरें भी सामने आई थीं. लेकिन अब दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी ने कोर्ट में याचिका दायर की है. उनका आरोप है कि उन्हें नेपाल से दिल्ली के ताज मानसिंह होटल बुलाया गया और पूरी जानकारी दिए बिना धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए. एक तरफ परिवार में सुलह की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करवाने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं. आखिर क्या है सिंधिया परिवार के 40 हजार करोड़ की संपत्ति का पूरा विवाद?
'धोखे से दस्तखत' कराने के गंभीर आरोप
ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी ने कोर्ट में अर्जी लगाकर बड़ा आरोप लगाया है. उनका कहना है कि संपत्ति बंटवारे के जरूरी कागजों और नोटिस की जानकारी उनसे छिपाई गई. हस्ताक्षर उनकी सहमति से नहीं, बल्कि धोखे से और गुमराह करके कराए गए थे. इसलिए उन्हें अपने पक्ष में सबूत पेश करने की इजाजत दी जाए.
फैमिली डिनर की हंसती तस्वीरें
वहीं दूसरी तरफ वसुंधरा राजे, ज्योतिरादित्य सिंधिया और बाकी पक्ष के वकीलों ने इन आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि साइन करने के बाद पूरा परिवार एक साथ डिनर पर गया था और खुशी-खुशी फोटो भी खिंचवाई थी, जिससे साफ है कि सबने अपनी मर्जी से सहमति दी थी. इस नए मोड़ के बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज बुधवार 14 अक्टूबर को कोर्ट में इस अंतरिम आवेदन पर बहस होनी है.
संपत्ति विवाद का पुराना इतिहास
ग्वालियर रियासत की संपत्ति का यह मामला कई सालों से अदालत में चल रहा है. इसकी शुरुआत राजमाता विजयाराजे सिंधिया और उनके बेटे माधवराव सिंधिया के समय में हुई थी. साल 2015 में इस मामले ने एक नया मोड़ लिया, जब वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे ने पूरी संपत्ति में बराबर हिस्से की मांग करते हुए अदालत में केस दायर किया.
समझौते पर बनी थी सहमति
साल 2026 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीन बुआओं के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी. इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से अदालत में समझौता अर्जी दाखिल की. लेकिन जब ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे के बीच मामला तय हो चुका था, तभी पद्मा राजे की बेटी प्रतिमा देवी ने इस पर आपत्ति जताई. प्रतिमा देवी का कहना है कि इस समझौते में उनकी मां पद्मा राजे और उनके परिवार के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि पहले उनकी बात सुनी जाए और उन्हें अपना पक्ष साबित करने के लिए सबूत और दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाए.
ग्वालियर से दिल्ली तक फैली हैं संपत्तियां
सिंधिया परिवार की हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति ग्वालियर से लेकर राजस्थान और दिल्ली तक फैली हुई है. इनमें ग्वालियर का जय विलास पैलेस शामिल है, जिसमें 350 से ज्यादा कमरे हैं. इसके अलावा उषा किरण पैलेस, रानी महल, मोती महल के कुछ हिस्से और ग्वालियर के आस-पास की जमीन भी इसमें शामिल हैं. साथ ही राजस्थान में भी उनकी रियासतें हैं, जैसे धौलपुर पैलेस और भरतपुर व जयपुर के पास की संपत्तियां. परिवार के पास दिल्ली में ग्वालियर हाउस और सिंधिया विला, मुंबई के वर्ली इलाके में सिंधिया हाउस और पुणे में कई ऐतिहासिक संपत्तियां भी हैं. अब बुधवार को होने वाली सुनवाई के बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा. 14 अक्टूबर को यह साफ हो जाएगा कि कोर्ट अंतरिम याचिकाओं पर सुनवाई आगे बढ़ाएगा या प्रतिमा देवी की आपत्ति को मानते हुए उन्हें सबूत पेश करने का मौका देगा.