इंदौर में एक दिन पहले ही जल गया रावण: 10 दिन की मेहनत चंद मिनटों में राख, शॉर्ट सर्किट से लगी आग
इंदौर में रावण दहन के कार्यक्रम से एक दिन पहले शॉर्ट सर्किट के कारण रावण का पुतला जल गया. इस घटना से आयोजकों के बीच हड़कंप मच गया, लेकिन उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए एक दूसरा पुतला तैयार करवा लिया.
मध्य प्रदेश के इंदौर में विजयादशमी के पावन पर्व से ठीक पहले एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां शहर की इंद्रपुरी कॉलोनी में रावण दहन से पहले ही रावण का पुतला जल गया. शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने देखते ही देखते पूरे पुतले को अपनी चपेट में ले लिया. लगभग 10 दिनों की मेहनत से तैयार किया गया यह पुतला कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गया. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. हालांकि, आयोजकों ने तुरंत एक दूसरा पुतला तैयार करवा लिया है और 32वें भव्य रावण दहन कार्यक्रम के समय में बदलाव कर दिया गया है.
एक दिन पहले ही जल गया रावण
बताया जा रहा है कि इंद्रपुरी कॉलोनी में रावण दहन की तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से पुतले में आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा पुतला जलकर खाक हो गया. इस घटना ने आयोजकों के सामने रावण दहन कार्यक्रम को लेकर एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी. हालांकि, उन्होंने तुरंत एक नए पुतले का इंतजाम कर लिया.
कार्यक्रम के समय में बदलाव
इस 32वें भव्य रावण दहन कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया है. घोषणा की गई है कि अब रावण दहन मंगलवार रात 9 बजे होगा. कार्यक्रम से पहले हुई घटना के बावजूद, आयोजकों ने अपनी तैयारियां जारी रखी हैं.
विजयादशमी पर आज निकलेगी भगवान महाकाल की सवारी
इस बीच, उज्जैन में विजयादशमी के अवसर पर आज भगवान महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी. महाकाल मंदिर के सभा मंडप से शाम 4:00 बजे शुरू होकर, यह सवारी शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी. वहां भगवान मनमहेश की पूजा-अर्चना की जाएगी. इसके अलावा विजयादशमी की परंपरा के अनुसार शमी के वृक्ष की भी पूजा की जाएगी.
भगवान मनमहेश को सलामी
सवारी के मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवान भगवान मनमहेश को सलामी देंगे. इसके बाद, सवारी तय रास्ते से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी, जहां भगवान की पालकी का स्वागत और पूजन किया जाएगा. इस बार सवारी में कई विशेष आयोजन होंगे. ड्रोन के जरिए भगवान की पालकी पर 500 किलो फूल बरसाए जाएंगे. सवारी के रास्ते में लगभग एक लाख वर्ग फुट क्षेत्र में रंगोली बनाई जाएगी. इसके अलावा, वहां लाइव पेंटिंग होगी, और श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड तथा पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी.
इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी सवारी
भगवान महाकाल की सवारी मंदिर से निकलेगी और गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सती गेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवास गेट, चामुंडा चौराहा, टॉवर मार्ग, शहीद पार्क, घास मंडी चौराहा, माधवनगर अस्पताल, पुलिस नियंत्रण कक्ष और एलआईसी कार्यालय से गुजरते हुए अंत में दशहरा मैदान पहुंचेगी.